
स्थान: लोहाघाट (चंपावत)
ब्युरो रिपोर्ट

पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिक्षक और कर्मचारी एक बार फिर सड़क पर उतरे। गुरुवार शाम पुरानी पेंशन बहाली मोर्चा के जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह मेहता के नेतृत्व में कर्मचारियों ने वीर कालू सिंह महरा चौक पर प्रदर्शन किया और एनपीएस तथा यूपीएस के खिलाफ पुतला दहन किया। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी 1 अक्टूबर को एनपीएस-यूपीएस के विरोध में ऐसे प्रदर्शन किए गए।

प्रदर्शन में शामिल शिक्षक और कर्मचारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि वे लंबे समय से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांग पर अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है।


पुरानी पेंशन बहाली मोर्चा के जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह मेहता ने कहा कि शिक्षक और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन के अलावा कोई अन्य व्यवस्था स्वीकार नहीं है। उन्होंने एनपीएस और यूपीएस का विरोध करते हुए पुरानी पेंशन लागू करने की मांग दोहराई।


प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकारी सेवा में वर्षों तक काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा महत्वपूर्ण है। इसी आधार पर उन्होंने पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने की मांग की।


कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार आंदोलन और ज्ञापन देने के बावजूद सरकार उनकी मांग पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रही है। इसी कारण कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आने वाले समय में आंदोलन को और तेज करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन की मांग को लेकर देहरादून में भी बड़ा प्रदर्शन आयोजित करने की तैयारी की जाएगी।



शिक्षक-कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों को राजनीतिक दलों के सामने भी रखेंगे और पुरानी पेंशन के मुद्दे पर अपना आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी कर्मचारियों ने एनपीएस और यूपीएस की प्रतियां जलाकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई।

पुतला दहन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक पुरानी पेंशन बहाली को लेकर उनकी मांग पर निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।

