देहरादून में एमडीएमए के साथ छह युवक गिरफ्तार, दिल्ली के गैंग से जुड़े होने का दावा

देहरादून में एमडीएमए के साथ छह युवक गिरफ्तार, दिल्ली के गैंग से जुड़े होने का दावा

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

राजपुर थाना पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छह युवकों को कथित रूप से हाई प्रोफाइल ड्रग एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से करीब 44 ग्राम एमडीएमए बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब साढ़े चार लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए युवक देहरादून क्षेत्र के रहने वाले हैं और इनमें कई कॉलेजों में पढ़ाई करते हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी नशे की सप्लाई कॉलेज के छात्रों तक पहुंचाने का काम कर रहे थे और स्वयं भी नशे के आदी बताए जा रहे हैं।

राजपुर पुलिस को नशा तस्करी से संबंधित इनपुट मिलने के बाद एएनटीएफ के साथ संयुक्त अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान चार युवकों को राजपुर रोड क्षेत्र से, जबकि दो आरोपियों को सहस्रधारा स्थित हेलीपैड के आसपास से पकड़ा गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 44 ग्राम एमडीएमए बरामद करने के साथ ही तस्करी में कथित रूप से इस्तेमाल की जा रही एक कार को भी सीज किया है। पुलिस अब आरोपियों के नेटवर्क और उनसे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

एसपी सिटी शेखर सुयाल के अनुसार पुलिस लगातार नशे की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में राजपुर थाना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की और छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार युवकों की उम्र करीब 21 से 24 वर्ष के बीच है। पुलिस का कहना है कि आरोपी महंगे शौक पूरे करने के लिए नशा तस्करी के धंधे में शामिल हुए और बाद में कॉलेज छात्रों तक भी ड्रग्स पहुंचाने लगे।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने दिल्ली के कथित सिद्धू गैंग के संपर्क में होने की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आरोपी पूर्व में इस नेटवर्क के संपर्क में आए थे और इसके बाद कथित तौर पर पेडलर के रूप में काम करने लगे।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब दिल्ली से देहरादून तक फैली संभावित ड्रग सप्लाई चेन की जांच कर रही है। आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य गतिविधियों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की आपूर्ति रोकने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।