किच्छा स्ट्रांग रूम विवाद पर हरीश रावत का हमला, चुनाव आयोग से संज्ञान की मांग

किच्छा स्ट्रांग रूम विवाद पर हरीश रावत का हमला, चुनाव आयोग से संज्ञान की मांग

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

ऊधम सिंह नगर के किच्छा में नगर निकाय चुनाव के मतदान के बाद स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर हुए विवाद ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ और भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थकों के आमने-सामने आने तथा दोनों नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मामले को लेकर भाजपा और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।

विवाद नवीन मंडी में बनाए गए स्ट्रांग रूम के सामने तिरपाल अथवा पर्दा लगाए जाने को लेकर शुरू हुआ था। विधायक तिलक राज बेहड़ और कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने इस व्यवस्था का विरोध करते हुए स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और पारदर्शिता पर सवाल उठाए तथा धरना शुरू कर दिया। कांग्रेस की ओर से मतपेटियों की सुरक्षा को लेकर आशंका जताई गई, हालांकि किसी तरह की छेड़छाड़ की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

इसी दौरान पूर्व भाजपा विधायक राजेश शुक्ला भी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों में पहले तीखी नोकझोंक हुई और बाद में धक्का-मुक्की एवं हाथापाई की स्थिति बन गई। विधायक बेहड़ ने आरोप लगाया कि शुक्ला के साथ मौजूद एक व्यक्ति ने उनके साथ मारपीट की, जबकि शुक्ला पक्ष ने भी कांग्रेस समर्थकों पर विवाद और मारपीट के आरोप लगाए हैं।

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और विधायक तिलक राज बेहड़ तथा पूर्व विधायक राजेश शुक्ला को हिरासत में लेकर मौके से अलग किया। मंडी परिसर और स्ट्रांग रूम के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। घटना के बाद दोनों पक्षों के समर्थकों में भी तनाव बना रहा।

पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सवाल किया कि क्या अब चुनाव “गुंडागर्दी” से जीते जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि किच्छा में सत्तारूढ़ दल के लोगों ने कांग्रेस प्रत्याशी और विधायक तिलक राज बेहड़ के साथ पुलिस की मौजूदगी में मारपीट की। यह भाजपा के खिलाफ कांग्रेस नेता का राजनीतिक आरोप है।

हरीश रावत ने कहा कि पंचायत और निकाय जैसे स्थानीय चुनावों में यदि परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश और हिंसा की घटनाएं सामने आती हैं तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक स्थिति होगी। उन्होंने चुनाव आयोग से किच्छा की घटना का संज्ञान लेने और पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कराने की मांग की।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में विधायक तिलक राज बेहड़ के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पार्टी और स्थानीय नेतृत्व की ओर से आगे जो भी लोकतांत्रिक कार्यक्रम तय किया जाएगा, उसमें कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर शामिल होंगे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निंदा करते हुए निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की।

दूसरी ओर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कांग्रेस की ओर से मतपेटियों से छेड़छाड़ या चुनाव प्रभावित करने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हार की आशंका के कारण इस तरह के आरोप लगा रही है। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों पर अंतिम स्थिति किसी आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

किच्छा स्ट्रांग रूम विवाद के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और प्रशासन स्ट्रांग रूम की निगरानी कर रहे हैं, जबकि घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। अब कांग्रेस ने जहां चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है, वहीं पूरे घटनाक्रम में सामने आए आरोपों और कथित मारपीट को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई पर भी निगाहें टिकी हैं।