
स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर चंपावत जिले के ग्राम प्रधानों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। जिले के विभिन्न विकासखंडों से बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष प्रकाश महरा के नेतृत्व में मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

ग्राम प्रधानों ने सीडीओ कार्यालय का घेराव करते हुए धरना दिया और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ग्राम प्रधान लंबे समय से अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है।


कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश महरा ने कहा कि ग्राम प्रधान संगठन लगातार सरकार के समक्ष अपनी 10 सूत्री मांगें रखता आ रहा है। उन्होंने कहा कि मंगलवार का प्रदर्शन सरकार का ध्यान ग्राम प्रधानों की समस्याओं की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।


ग्राम प्रधानों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनका कहना था कि सरकारी योजनाओं को गांवों तक पहुंचाने और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों के क्रियान्वयन में ग्राम प्रधान लगातार कार्य करते हैं, लेकिन उनकी सुविधाओं और मानदेय से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं किया जा रहा है।


प्रदर्शनकारियों ने ग्राम प्रधानों को प्रतिमाह 20 हजार रुपये मानदेय दिए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने कहा कि अन्य जनप्रतिनिधियों को मानदेय एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, इसलिए ग्राम प्रधानों के लिए भी सम्मानजनक मानदेय की व्यवस्था की जानी चाहिए।
ग्राम प्रधानों ने मनरेगा के तहत ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और कई इलाकों में नेटवर्क की समस्या को देखते हुए ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की अनिवार्यता व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा कर रही है। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में इस व्यवस्था को समाप्त करने या इसमें आवश्यक संशोधन करने की मांग की।



संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्राम पंचायतों से संबंधित अन्य लंबित समस्याएं भी उनकी 10 सूत्री मांगों में शामिल हैं। उन्होंने सरकार से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए ग्राम प्रधानों के हित में फैसला लेने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।
ग्राम प्रधान संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर और व्यापक किया जाएगा। संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि मांगों की अनदेखी जारी रहने पर वे आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान सरकार के समक्ष अपनी नाराजगी लोकतांत्रिक तरीके से व्यक्त करेंगे।
धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्राम प्रधानों ने सरकार से पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास को मजबूत करने के लिए ग्राम पंचायतों को पर्याप्त अधिकार, संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। संगठन ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।

