
स्थान : चमोली
विनोद पांडे

उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा में सीधी भर्ती के माध्यम से नवनियुक्त अधिकारियों को उनके नियुक्ति स्थलों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी क्रम में नवनियुक्त फायर स्टेशन सेकंड ऑफिसर (FSSO) हिमांशु जोशी प्रशिक्षण के लिए जनपद चमोली पहुंचे।
हिमांशु जोशी ने भुवनेश्वर, उड़ीसा में छह माह का बेसिक प्रशिक्षण पूरा किया है। इसके बाद उन्होंने देहरादून में प्रथम चरण का प्रशिक्षण प्राप्त किया। अब उन्हें चमोली जिले में दो माह का व्यावहारिक यानी फील्ड प्रशिक्षण दिया जाएगा।



चमोली पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार और पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा ने नवनियुक्त अधिकारी हिमांशु जोशी का स्वागत किया। अधिकारियों ने उन्हें आगामी फील्ड प्रशिक्षण के लिए शुभकामनाएं भी दीं।


पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने कहा कि फील्ड प्रशिक्षण किसी भी नवनियुक्त अधिकारी के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इससे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों में लागू करने और कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलता है।


उन्होंने कहा कि दो माह के इस प्रशिक्षण के दौरान नवनियुक्त अधिकारी को अग्निशमन सेवा की व्यावहारिक चुनौतियों, आपात स्थितियों में कार्रवाई और विभिन्न प्रकार की घटनाओं से निपटने का अनुभव मिलेगा। इससे उनकी कार्यकुशलता और निर्णय लेने की क्षमता और मजबूत होगी।

एसपी ने कहा कि अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा में त्वरित निर्णय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आग लगने की घटनाओं से लेकर प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात परिस्थितियों में अधिकारियों को सीमित समय में प्रभावी निर्णय लेकर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करना होता है।




उन्होंने उम्मीद जताई कि FSSO हिमांशु जोशी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ अपना व्यावहारिक प्रशिक्षण पूरा करेंगे। साथ ही सेवा भावना को प्राथमिकता देते हुए विभागीय जिम्मेदारियों को समझेंगे और भविष्य में उनका प्रभावी ढंग से निर्वहन करेंगे।
एसपी चमोली ने कहा कि पर्वतीय जनपदों में अग्नि सुरक्षा के साथ वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम और आपदा प्रबंधन भी बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में फील्ड प्रशिक्षण के दौरान स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों तथा उनसे जुड़ी चुनौतियों को समझना भी अधिकारी के लिए उपयोगी साबित होगा।
पुलिस अधिकारियों ने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद हिमांशु जोशी जनसेवा, अग्नि सुरक्षा, वनाग्नि रोकथाम और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में बेहतर योगदान देंगे। दो माह के फील्ड प्रशिक्षण के दौरान उन्हें अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा।

