नंदा-सुनंदा महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, संस्कृति और विरासत संरक्षण पर दिया जोर

नंदा-सुनंदा महोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, संस्कृति और विरासत संरक्षण पर दिया जोर

स्थान : नैनीताल
रिपोर्टर : संजय जोशी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नैनीताल में आयोजित माँ नंदा-सुनंदा महोत्सव में प्रतिभाग कर माँ नंदा-सुनंदा की पूजा-अर्चना एवं आरती की। उन्होंने माँ के चरणों में नमन करते हुए प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने महोत्सव में पहुंचे माताओं-बहनों, वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं और बच्चों का स्वागत करते हुए कहा कि माँ नंदा-सुनंदा की छत्रछाया में उपस्थित होना उनके लिए सौभाग्य का अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदा देवी महोत्सव केवल एक मेला या धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का प्रतीक है। माँ नंदा-सुनंदा के स्वागत की परंपरा के साथ लोकगीत, झोड़ा-चांचरी और ढोल-दमाऊं जैसी लोक विधाएं इस महोत्सव के माध्यम से जीवंत होती हैं। उन्होंने कहा कि जो समाज अपनी जड़ों और संस्कृति पर गर्व करता है, वही आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल की पहचान केवल पर्यटन नगरी के रूप में नहीं, बल्कि आस्था और अध्यात्म की भूमि के रूप में भी है। माँ नैना देवी मंदिर, हनुमानगढ़ी, कैंची धाम और मुक्तेश्वर जैसे धार्मिक स्थल इस क्षेत्र को विशेष पहचान देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति और अध्यात्म का यह संगम नैनीताल को देश-दुनिया के पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए विशिष्ट बनाता है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ ही धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं के विकास के लिए कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने अयोध्या, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, केदारनाथ और बदरीनाथ में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार भी “विकास भी और विरासत भी” की अवधारणा के तहत कार्य कर रही है। कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों को मानसखंड मंदिर माला मिशन के माध्यम से विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ नैना देवी, कैंची धाम, मुक्तेश्वर सहित अन्य धार्मिक स्थलों के विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, महिलाओं को स्वरोजगार से जुड़ने का अवसर मिलेगा तथा स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनकी मूल सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखना है।

नैनीताल जिले के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि विकास की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य की भूमि, संसाधनों और सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा को लेकर सरकार की नीतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने भूमि कानूनों को मजबूत करने, समान नागरिक संहिता लागू करने और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए नकल विरोधी कानून बनाए जाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में राज्य के करीब 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार का अवसर मिला है। उन्होंने अपने संबोधन में कथित “लैंड जिहाद” और “लव जिहाद” से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात भी कही।

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर कहा कि स्वयं सहायता समूहों, एकल महिला उद्यमियों और ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को ऐसे बिक्री केंद्र उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा, जहां उन्हें अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने और स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर भी जोर दिया।

महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री माँ नंदा-सुनंदा की आरती में शामिल हुए और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को देश के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल करने की दिशा में कार्य करने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में माँ नंदा देवी, माँ सुनंदा देवी और भारत माता के जयघोष लगाए गए। इस दौरान कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, मंडलायुक्त दीपक रावत, आईजी निवेदिता कुकरेती, डीएम ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आयोजन समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।