
स्थान : हरिद्वार
रिपोर्टर : धर्मराज

यूपीआई ट्रांजैक्शन पर टैक्स लगाए जाने के प्रस्ताव के विरोध में स्वराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने हरिद्वार में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे आम जनता और छोटे कारोबारियों के हितों के विपरीत बताया।

प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट हरि गिरि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर यूपीआई ट्रांजैक्शन पर किसी भी प्रकार का टैक्स लगाने का फैसला वापस लेने की मांग की।


स्वराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश में पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल भुगतान का तेजी से विस्तार हुआ है। छोटे दुकानदारों से लेकर आम उपभोक्ता तक रोजमर्रा के लेनदेन के लिए यूपीआई का बड़े स्तर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।


संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र यादव ने कहा कि डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के बजाय यूपीआई ट्रांजैक्शन पर टैक्स लगाने की व्यवस्था लागू की जाती है तो इसका सीधा असर आम लोगों और छोटे व्यापारियों पर पड़ सकता है। इससे डिजिटल भुगतान के प्रति लोगों का रुझान भी प्रभावित होने की आशंका है।


उन्होंने कहा कि यूपीआई के माध्यम से छोटे से छोटे भुगतान की सुविधा मिलने के कारण नकद लेनदेन पर निर्भरता कम हुई है। ऐसे में डिजिटल ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने से छोटे कारोबारियों और निम्न व मध्यम आय वर्ग के लोगों को परेशानी हो सकती है।

कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि यूपीआई ट्रांजैक्शन पर टैक्स से जुड़े किसी भी प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाए। उनका कहना था कि सरकार को डिजिटल भुगतान को और अधिक सरल तथा सुविधाजनक बनाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।



स्वराज सेवा दल ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो संगठन उत्तराखंड में आंदोलन को और तेज करेगा। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर प्रदेश के अन्य जिलों में भी जनजागरूकता अभियान और विरोध प्रदर्शन किए जा सकते हैं।

वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट हरि गिरि ने बताया कि प्रधानमंत्री के नाम प्राप्त ज्ञापन को नियमानुसार संबंधित उच्च अधिकारियों को प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ज्ञापन में उठाई गई मांगों को उचित माध्यम से केंद्र सरकार तक पहुंचाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
सिटी मजिस्ट्रेट ने यह भी स्पष्ट किया कि यूपीआई ट्रांजैक्शन से जुड़े किसी भी टैक्स या नीतिगत फैसले पर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार के स्तर पर ही लिया जाना है। प्रदर्शन के दौरान स्वराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने सरकार से जनहित को ध्यान में रखते हुए डिजिटल लेनदेन को अतिरिक्त आर्थिक बोझ से मुक्त रखने की मांग दोहराई।

