बाराकोट में पिकअप खाई में गिरी, एक की मौत; एंबुलेंस नहीं मिलने पर आक्रोश

बाराकोट में पिकअप खाई में गिरी, एक की मौत; एंबुलेंस नहीं मिलने पर आक्रोश

स्थान : लोहाघाट/बाराकोट
ब्यूरो रिपोर्ट

चंपावत जिले के बाराकोट-सिमलखेत मोटर मार्ग पर कामाजूला के पास शनिवार शाम एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में रैगांव निवासी 56 वर्षीय जीत सिंह अधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन चालक नारायण सिंह अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार पिकअप वाहन संख्या UA 03-4351 बाराकोट से कामाजूला की ओर जा रहा था। कामाजूला इंटर कॉलेज के पास अचानक वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद वाहन में सवार दोनों लोगों को खाई से निकालकर सड़क तक पहुंचाया। तब तक जीत सिंह अधिकारी की मौत हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल चालक नारायण सिंह अधिकारी को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची।

पूर्व ग्राम प्रधान धन सिंह अधिकारी घायल नारायण सिंह को अपने निजी वाहन से लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय की ओर लेकर निकले। करीब 25 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद काकड़ के पास पंचेश्वर की 108 एंबुलेंस मिली, जहां घायल को एंबुलेंस में शिफ्ट कर उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट पहुंचाया गया।

अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी के नेतृत्व में घायल का उपचार किया गया। डॉ. राठी के अनुसार घायल के सिर और छाती में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सीटी स्कैन और बेहतर उपचार के लिए उन्हें चंपावत जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।

हादसे की सूचना पर लोहाघाट थानाध्यक्ष ओमप्रकाश के नेतृत्व में पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई। राजस्व विभाग के राजस्व निरीक्षक कमल उपाध्याय और उप निरीक्षक ऋषभ कुमार ने भी अस्पताल पहुंचकर घायल का हाल जाना। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचे।

वहीं दुर्घटना के बाद समय पर 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। पूर्व ग्राम प्रधान धन सिंह अधिकारी के अनुसार हादसे के बाद एंबुलेंस के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन तत्काल सेवा उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके बाद घायल को निजी वाहन से अस्पताल ले जाने का फैसला किया गया और रास्ते में पंचेश्वर की एंबुलेंस मिली।

धन सिंह अधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटना जैसे गंभीर मामलों में समय पर एंबुलेंस उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र की 108 एंबुलेंस व्यवस्था को दुरुस्त रखने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में दुर्घटनाओं के दौरान समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिलने से घायलों की जान का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाना चाहिए।