
स्थान : हल्द्वानी (नैनीताल)
ब्यूरो रिपोर्ट

नगर निगम प्रांगण में देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ से जुड़े वरिष्ठ पर्यावरण मित्रों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को 16वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनरत कर्मचारियों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

धरने पर बैठे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था के नाम पर मनमानी और अनियमितता की जा रही है। उनका कहना है कि ऐसी व्यवस्था से वरिष्ठ कर्मचारियों के अधिकारों का हनन हो रहा है और जब तक निगम प्रशासन इस व्यवस्था को बंद नहीं करता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।


धरना शुरू करने से पहले आंदोलनरत वरिष्ठ पर्यावरण मित्रों ने विश्वकर्मा पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पूजन के बाद सभी कर्मचारी नगर निगम परिसर में धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों के समर्थन में विरोध दर्ज कराया।

वरिष्ठ पर्यावरण मित्रों का कहना है कि वे लंबे समय से प्रभारी पर्यावरण पर्यवेक्षक की नियुक्ति में वरिष्ठ कर्मचारियों को प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।


कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारियों, उनके आश्रितों और चुनिंदा नायकों को कई वार्डों की जिम्मेदारी दी जा रही है। उनका यह भी आरोप है कि आगे इन वार्डों की जिम्मेदारी पसंदीदा कर्मचारियों और परिचितों को सौंपी जा रही है, जबकि विभाग इस व्यवस्था पर कार्रवाई नहीं कर रहा है।
आंदोलनरत कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि प्रभारी पर्यावरण पर्यवेक्षक की नियुक्ति में वरिष्ठ पर्यावरण मित्रों को प्राथमिकता दी जाए और कर्मचारियों को बार-बार आश्वासन देकर गुमराह करने की प्रक्रिया बंद हो।



इसके साथ ही कर्मचारियों ने पूर्व में चली आ रही व्यवस्था को समाप्त करने और सफाई व्यवस्था में कथित अनियमितताओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि वरिष्ठता और नियमों के आधार पर ही जिम्मेदारियां तय की जानी चाहिए।
धरनारत कर्मचारियों ने कार्यालय आदेश पत्रांक 1100, दिनांक 28 जुलाई 2026 को लागू किए जाने की भी मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि विभाग द्वारा जारी आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
धरने में अमित कुमार, विश्वास चौहान, प्रेम सिंह, राजेश खन्ना, अलंकार, सिद्धार्थ चौहान, जयपाल, लक्की सहित कई वरिष्ठ पर्यावरण मित्र मौजूद रहे। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

