
स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना


सुशीला तिवारी अस्पताल में इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टरों ने मानदेय दिए जाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। इंटर्न डॉक्टरों ने उप जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया।


इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें इंटर्नशिप करते हुए करीब छह से सात महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक मानदेय के रूप में कोई धनराशि नहीं दी गई है। इससे उनमें नाराजगी बनी हुई है।




डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि इंटर्नशिप के दौरान उनसे दिन-रात पूरी सेवाएं ली जा रही हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें किसी प्रकार का मानदेय नहीं मिल रहा। उन्होंने इसे अपने साथ अन्याय बताते हुए सरकार से जल्द समाधान की मांग की है।



प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वर्ष 2018 के बाद पैरामेडिकल व्यवस्था में बदलाव के बाद से मानदेय से जुड़ी व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। लंबे समय से इस मुद्दे को उठाने के बावजूद उनकी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।


मानदेय नहीं मिलने से नाराज इंटर्न डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू कर रखी है। आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अब ओपीडी सेवाओं में भी काम नहीं करने का निर्णय लिया है।

इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनके मानदेय को लेकर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे इंटर्नशिप के तहत सेवाएं नहीं देंगे। उन्होंने सरकार से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग की है।




डॉक्टरों का कहना है कि वे लगातार अस्पताल में मरीजों की सेवा कर रहे हैं और नियमित चिकित्सकीय जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। ऐसे में उन्हें भी नियमानुसार मानदेय और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

इंटर्न डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी संबंधित व्यवस्था की होगी और वे मानदेय मिलने तक अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।

