
लोकेशन-: रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट


रामनगर न्यायालय में तैनात एपीओ और अधिवक्ताओं के बीच विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। शनिवार को रामनगर बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने लोक अदालत का बहिष्कार करते हुए न्यायालय परिसर के बाहर प्रदर्शन किया और एपीओ अतुल कुमार के खिलाफ नारेबाजी की।


अधिवक्ताओं का आरोप है कि एक मामले की सुनवाई के दौरान एपीओ ने होस्टाइल गवाह से जिरह और बयान दर्ज कराने में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। बार एसोसिएशन का कहना है कि गवाह पर कथित रूप से दबाव भी बनाया गया, जिसको लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी है।



रामनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट ललित तिवारी ने कहा कि मामला संज्ञान में आने के बाद अधिवक्ताओं ने इसका विरोध किया था। इसी क्रम में शनिवार को लोक अदालत का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया गया और एपीओ की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए।



बार अध्यक्ष का आरोप है कि एपीओ ने कानून से हटकर कार्रवाई करने के साथ ही एक वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बार के पूर्व अध्यक्ष से जुड़े मामले में अनावश्यक हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और विधिक कार्रवाई की मांग कर रही है।


बार एसोसिएशन ने एपीओ अतुल कुमार को रामनगर से हटाए जाने की भी मांग की है। अधिवक्ताओं का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन होना आवश्यक है और किसी भी अधिवक्ता के सम्मान से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बार एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट नरेंद्र रावत ने भी एपीओ की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गवाह का बयान दर्ज करने के लिए अपनाई गई प्रक्रिया कानून के अनुरूप नहीं थी और इस मुद्दे पर अधिवक्ता एकजुट होकर आगे की रणनीति तय करेंगे।



बार अध्यक्ष ललित तिवारी के मुताबिक सोमवार को रामनगर में अधिवक्ताओं की बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इसके बाद मंगलवार को मामले को जिला जज और हाईकोर्ट के समक्ष रखा जाएगा तथा कार्रवाई की मांग की जाएगी।


बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि एपीओ को रामनगर से नहीं हटाया गया और मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो अधिवक्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। फिलहाल एपीओ अतुल कुमार का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना आवश्यक होगा।

