बद्रीनाथ में ‘ऑपरेशन कालनेमि’, 50 से अधिक साधु-संतों और भिक्षुओं का सत्यापन

बद्रीनाथ में ‘ऑपरेशन कालनेमि’, 50 से अधिक साधु-संतों और भिक्षुओं का सत्यापन

स्थान : बद्रीनाथ
रिपोर्टर : विनोद पांडे

धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, तीर्थ क्षेत्र की पवित्र व्यवस्था और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी बनाए रखने के लिए चमोली पुलिस ने ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत व्यापक सत्यापन अभियान चलाया।

कोतवाली श्री बद्रीनाथ पुलिस की टीम ने अभियान के दौरान क्षेत्र में रह रहे 50 से अधिक साधु-संतों और भिक्षुओं का भौतिक सत्यापन किया। पुलिस ने सभी से शालीनता और सम्मानपूर्वक संवाद करते हुए उनकी पहचान तथा आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी जुटाई।

पुलिस के अनुसार सत्यापन के दौरान 29 भिक्षुओं के पास पहचान से संबंधित वैध और पूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए। इसके बाद पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की।

पुलिस ने इस दौरान किसी प्रकार का बल प्रयोग नहीं किया और संबंधित लोगों की मानवीय गरिमा का पूरा ध्यान रखा। दस्तावेज पूरे नहीं होने पर सभी 29 भिक्षुओं की बद्रीनाथ क्षेत्र से सुरक्षित वापसी की व्यवस्था की गई।

इसके लिए मौके पर ही जीएमओयू बस यूनियन के कार्मिकों से संपर्क किया गया और बस की व्यवस्था कराई गई। पुलिस की देखरेख में सभी भिक्षुओं को बस में बैठाकर सुरक्षित रवाना किया गया।

पुलिस के अनुसार सभी 29 भिक्षुओं को श्री बद्रीनाथ क्षेत्र से ऋषिकेश और हरिद्वार के लिए भेजा गया। यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा और सुविधा का भी ध्यान रखा गया।

चमोली पुलिस का कहना है कि बद्रीनाथ धाम जैसे संवेदनशील और धार्मिक महत्व वाले क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ बाहरी लोगों का सत्यापन भी लगातार किया जा रहा है।

पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और धाम की मर्यादा बनाए रखने के लिए इस तरह के सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेंगे।