विकासनगर में अतिक्रमण हटाने पर हंगामा, व्यापारियों और प्रशासन में तीखी नोकझोंक

विकासनगर में अतिक्रमण हटाने पर हंगामा, व्यापारियों और प्रशासन में तीखी नोकझोंक

स्थान : विकासनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज शिकायत और हाईकोर्ट के निर्देश के बाद विकासनगर में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का अभियान मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। कार्रवाई के दौरान व्यापारियों ने प्रशासन का जोरदार विरोध किया, जिससे मुख्य बाजार में कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।

दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े विकासनगर मुख्य बाजार में लंबे समय से फुटपाथों पर अस्थाई अतिक्रमण की शिकायतें सामने आती रही हैं। रेहड़ी-पटरी, दुकानों के बाहर रखे सामान और अस्थाई निर्माण के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बनती है, जबकि राहगीरों को भी फुटपाथ का इस्तेमाल करने में परेशानी होती है।

मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत मिलने और हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन ने सोमवार से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया। अभियान में राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग, नगरपालिका और पुलिस की संयुक्त टीम सड़क किनारे किए गए अस्थाई अतिक्रमण को हटाने के साथ ही सामान जब्त करने की कार्रवाई कर रही है।

मंगलवार को अभियान के दौरान उस समय विवाद बढ़ गया, जब स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। व्यापार मंडल अध्यक्ष और अन्य व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त पूर्व सूचना दिए छोटे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

व्यापारियों ने कार्रवाई में पक्षपात का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि अतिक्रमण हटाने के दौरान सभी दुकानदारों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर व्यापार मंडल अध्यक्ष और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई।

व्यापार मंडल अध्यक्ष ने अधिकारियों से कहा कि पहले व्यापारियों के साथ बैठक कर उनकी बात सुनी जाए और सहमति के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए। विवाद बढ़ने के कारण मौके पर बड़ी संख्या में व्यापारी एकत्र हो गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर दोनों पक्षों को समझाया। विधायक के हस्तक्षेप के बाद स्थिति शांत हुई और आगे की कार्रवाई को लेकर सहमति बनाने का प्रयास किया गया।

इसके बाद प्रशासन ने दुकानदारों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा में फुटपाथ और सार्वजनिक स्थान खाली नहीं किए गए तो दोबारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब एक सप्ताह बाद यह साफ होगा कि व्यापारी स्वयं अतिक्रमण हटाते हैं या प्रशासन को फिर से अभियान चलाना पड़ेगा।