
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की 8 अगस्त को हल्द्वानी में हुई रैली के बाद सामने आए कथित शुद्धिकरण मामले में करीब एक महीने बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। हल्द्वानी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।


बताया जा रहा है कि अधिवक्ता मंजू की शिकायत पर हल्द्वानी पुलिस ने यह एफआईआर दर्ज की है। हालांकि मुकदमे में किसी व्यक्ति को नामजद नहीं किया गया है, जिसे लेकर कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।



कांग्रेस का आरोप है कि कथित शुद्धिकरण से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर पहले ही वायरल हो चुके हैं। इनमें शामिल लोगों की पहचान भी सार्वजनिक रूप से सामने आने का दावा किया जा रहा है, इसके बावजूद एफआईआर अज्ञात के खिलाफ दर्ज की गई है।



मामले को लेकर कांग्रेस सीडब्ल्यूसी सदस्य एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण मेहरा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल हैं और संबंधित लोगों की पहचान भी सामने आ चुकी है, तो एफआईआर में किसी को नामजद क्यों नहीं किया गया।


करण मेहरा ने कहा कि अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना पुलिस की जांच की मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिन लोगों की भूमिका सामने आती है, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि घटना को लेकर पार्टी ने शुरुआत से ही आपत्ति जताई थी। उनका आरोप है कि कथित शुद्धिकरण की घटना सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली है और ऐसे मामलों में प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।



कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि घटना के करीब एक महीने बाद एफआईआर दर्ज होने की स्थिति क्यों बनी। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि घटना से संबंधित साक्ष्य पहले से सार्वजनिक थे तो पुलिस को समय रहते जांच और आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए थी।

फिलहाल हल्द्वानी पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में किन लोगों की भूमिका सामने आती है और पुलिस आगे क्या कार्रवाई करती है, इस पर कांग्रेस समेत राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।

