
स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड में सरकारी भूमि और संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपे जाने के कथित मामलों को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ‘भूमि बचाओ, धामी हटाओ’ अभियान के तहत कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में मसूरी के ऐतिहासिक जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र में जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकारी जमीनों को लेकर अपनाई जा रही नीतियों पर सवाल उठाए।


कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के मसूरी पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया। वहीं दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके मसूरी आगमन का विरोध करते हुए काले झंडे दिखाए। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।




जॉर्ज एवरेस्ट में आयोजित धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की बहुमूल्य सरकारी जमीनों को पूंजीपतियों और सरकार के करीबी लोगों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भूमि प्रदेशवासियों की धरोहर है और इसके संरक्षण के लिए कांग्रेस पार्टी लगातार संघर्ष करती रहेगी।



गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में ऐसे 11 स्थानों पर एक साथ धरना प्रदर्शन कर रही है, जहां पार्टी के अनुसार सरकारी भूमि और संपत्तियों को निजी संस्थाओं अथवा सरकार के करीबी लोगों को सौंपा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनहित की भूमि को निजी हाथों में देने का काम कर रही है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की जनता के बीच जाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।


जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र की भूमि को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि यहां लगभग 144 हेक्टेयर भूमि को महज एक करोड़ रुपये सालाना की लीज पर बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण से संबंधित कंपनी को दे दिया गया। गोदियाल ने इस कथित लीज व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी महत्वपूर्ण और बहुमूल्य भूमि को इस प्रकार निजी कंपनी को सौंपना गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से ऋण लेकर करीब 22 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की गई थी। इसके बावजूद कांग्रेस के अनुसार क्षेत्र की भूमि को निजी कंपनी को लीज पर सौंप दिया गया। गोदियाल ने सवाल उठाया कि जब सरकारी धन और ऋण से इस पर्यटन स्थल का विकास किया गया तो फिर उसके संचालन और भूमि आवंटन को लेकर सरकार की नीति क्या है।



कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार सरकारी जमीनों को निजी हाथों में सौंपने के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन सरकार इन पर स्पष्ट जवाब देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि पहाड़ की जमीनों और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण बेहद जरूरी है। कांग्रेस पार्टी ऐसे सभी मामलों को जनता के सामने रखेगी और सरकारी संपत्तियों के आवंटन में पारदर्शिता की मांग करती रहेगी।


गणेश गोदियाल ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो सरकारी भूमि और संपत्तियों के आवंटन से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामलों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन मंत्रियों और अधिकारियों की भूमिका किसी अनियमितता में सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस भूमि संरक्षण के मुद्दे पर अपना अभियान जारी रखेगी।
जॉर्ज एवरेस्ट में कांग्रेस के इस धरना प्रदर्शन और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा काले झंडे दिखाए जाने के बाद प्रदेश में भूमि आवंटन को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस जहां सरकारी जमीनों को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाकर सरकार को घेर रही है, वहीं प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का विरोध जताया। हालांकि जॉर्ज एवरेस्ट की भूमि, लीज की शर्तों और सौंदर्यीकरण पर खर्च की गई धनराशि को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा सरकार और संबंधित कंपनी का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।

