टिहरी पुलिस के मिशन मुस्कान से 60 से अधिक लोगों के चेहरे खिले, 16 लाख रुपये के खोए मोबाइल बरामद

टिहरी पुलिस के मिशन मुस्कान से 60 से अधिक लोगों के चेहरे खिले, 16 लाख रुपये के खोए मोबाइल बरामद

स्थान : ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में पुलिस ने मिशन मुस्कान अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में टिहरी पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने विभिन्न स्थानों से गुम हुए 60 से अधिक मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत 16 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। लंबे समय से अपने खोए हुए मोबाइल की तलाश कर रहे लोगों को फोन वापस मिलने से उनके चेहरों पर खुशी देखने को मिली।

मिशन मुस्कान के तहत चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने आधुनिक तकनीक और भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित पोर्टल की सहायता से गुमशुदा एवं चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगाया। पुलिस टीम ने लगातार तकनीकी निगरानी और प्रयासों के माध्यम से अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मोबाइल फोन को ट्रेस कर उनकी बरामदगी सुनिश्चित की।

अभियान की सबसे खास बात यह रही कि बरामद किए गए मोबाइल फोन केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं थे, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में भी सक्रिय पाए गए। पुलिस की तकनीकी जांच में मोबाइल फोन हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस और सीआईयू टीम ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए मोबाइल फोन बरामद किए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को अपने हाथों से सौंपे। इस दौरान उन्होंने बताया कि मिशन मुस्कान अभियान का उद्देश्य गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी कर उन्हें उनके सही मालिकों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित पोर्टल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिसकी सहायता से विभिन्न राज्यों में सक्रिय मोबाइल फोन को सफलतापूर्वक ट्रेस किया गया।

एसएसपी श्वेता चौबे ने पुलिस और सीआईयू टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी दक्षता और लगातार प्रयासों के चलते इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद किए जा सके हैं। उन्होंने बताया कि अलग-अलग राज्यों में मोबाइल सक्रिय होने के बावजूद पुलिस टीम ने तकनीकी जानकारी के आधार पर उनकी तलाश जारी रखी और फोन के वास्तविक स्वामियों तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की।

मोबाइल फोन बरामदगी के इस अभियान में पुलिस की साइबर एवं तकनीकी जांच क्षमता भी महत्वपूर्ण साबित हुई। मोबाइल फोन के गुम होने या चोरी होने के बाद उनके दूसरे राज्यों में इस्तेमाल होने से तलाश करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसके बावजूद पुलिस टीम ने उपलब्ध तकनीकी संसाधनों और संबंधित पोर्टल की सहायता से मोबाइल फोन का पता लगाकर उन्हें बरामद किया।

पुलिस द्वारा आयोजित मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान अपने खोए हुए फोन वापस पाकर मोबाइल स्वामियों ने खुशी जताई। कई लोगों के लिए मोबाइल फोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तिगत दस्तावेजों, जरूरी संपर्क नंबरों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को सुरक्षित रखने का साधन भी होता है। ऐसे में मोबाइल की बरामदगी से संबंधित लोगों को बड़ी राहत मिली है।

मिशन मुस्कान अभियान के माध्यम से टिहरी पुलिस ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि गुमशुदा मोबाइल फोन की तलाश में तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है। पुलिस और सीआईयू टीम द्वारा संयुक्त रूप से की गई कार्रवाई से 60 से अधिक मोबाइल स्वामियों को उनकी संपत्ति वापस मिल सकी। इस सफलता को पुलिस की तकनीकी कार्यप्रणाली और निरंतर प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान से टिहरी पुलिस की कार्यप्रणाली का सकारात्मक उदाहरण सामने आया है। करीब 16 लाख रुपये से अधिक कीमत के मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपना अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। मिशन मुस्कान के जरिए पुलिस ने खोए हुए मोबाइल वापस दिलाने के साथ ही आमजन के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास किया है।