
स्थान : लोहाघाट(चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड के चंपावत जिले के लोहाघाट में रोडवेज बस चालक और एक दिव्यांग यात्री के बीच विवाद का मामला सामने आया है। बिसंग क्षेत्र निवासी दिव्यांग सरदार सिंह फर्त्याल ने लोहाघाट डिपो के बस चालक सुरेश आर्य पर अभद्र व्यवहार करने, बस से उतारने और उनका बैग बाहर फेंकने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं बस चालक ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इनका खंडन किया है। मामले की शिकायत रोडवेज स्टेशन प्रभारी से की गई है।


जानकारी के अनुसार चार अक्टूबर को बिसंग क्षेत्र निवासी दिव्यांग सरदार सिंह फर्त्याल लोहाघाट डिपो की दिल्ली जाने वाली बस में सवार होकर सिन्याड़ी जा रहे थे। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान उन्होंने अपना बैग चालक के पास वाली सीट पर रखा था। इसी बात को लेकर चालक के साथ उनका विवाद हो गया। यात्री का आरोप है कि चालक ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया।




दिव्यांग सरदार सिंह फर्त्याल ने आरोप लगाया कि बस चालक सुरेश आर्य ने बिना किसी उचित कारण के उन्हें बस से नीचे उतार दिया। इतना ही नहीं, चालक ने उनके साथ अभद्रता करते हुए उनका बैग भी बस से बाहर फेंक दिया। उन्होंने इस व्यवहार को अपमानजनक बताते हुए परिवहन निगम के अधिकारियों से मामले में कार्रवाई की मांग की है।



सरदार सिंह फर्त्याल ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में दिव्यांग यात्रियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, उससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने परिवहन निगम से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।


वहीं दूसरी ओर, आरोपों के घेरे में आए रोडवेज बस चालक सुरेश आर्य ने अपना पक्ष रखते हुए यात्री द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। चालक ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने दिव्यांग यात्री के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता नहीं की और न ही उनका बैग बस से बाहर फेंका। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।
मामले को लेकर दिव्यांग यात्री सरदार सिंह फर्त्याल ने लोहाघाट रोडवेज स्टेशन प्रभारी जगदीश नारायण को लिखित शिकायती पत्र सौंपा है। शिकायत में उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए संबंधित बस चालक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद परिवहन निगम प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।




लोहाघाट डिपो के स्टेशन प्रभारी जगदीश नारायण ने बताया कि दिव्यांग यात्री द्वारा बस चालक के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि यात्रियों के साथ अभद्रता या दुर्व्यवहार का मामला बेहद गंभीर है। परिवहन निगम यात्रियों की सुविधा और सम्मानजनक व्यवहार को प्राथमिकता देता है। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोनों पक्षों का पक्ष जानने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्टेशन प्रभारी ने स्पष्ट किया कि जांच में यदि बस चालक दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना जांच के किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। यात्री द्वारा लगाए गए आरोपों और चालक के स्पष्टीकरण की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।

फिलहाल दिव्यांग यात्री और रोडवेज बस चालक के अलग-अलग दावों के बीच मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। शिकायतकर्ता ने चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जबकि चालक स्वयं को निर्दोष बता रहा है। अब परिवहन निगम की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं। इस मामले ने सार्वजनिक परिवहन में दिव्यांग यात्रियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार और उनकी सुविधाओं का मुद्दा भी सामने ला दिया है।

