खटीमा में कुमाऊं स्काउट्स बटालियन का 45वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया, वीरांगनाओं और पूर्व सैनिकों का सम्मान

खटीमा में कुमाऊं स्काउट्स बटालियन का 45वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया, वीरांगनाओं और पूर्व सैनिकों का सम्मान

स्थान – खटीमा (ऊधम सिंह नगर)
रिपोर्टर – अशोक सरकार

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद के खटीमा में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित कुमाऊं स्काउट्स बटालियन का 45वां स्थापना दिवस बड़े हर्षोल्लास, गरिमा और गौरव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कुमाऊं स्काउट्स परिवार से जुड़े पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं और उनके परिजन बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। समारोह में देश सेवा के प्रति समर्पण और सैन्य परंपराओं की गौरवशाली विरासत की झलक देखने को मिली।

खटीमा में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत मां काली के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई। इसके बाद उपस्थित पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों ने सैन्य परंपराओं का सम्मान करते हुए कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे आयोजन स्थल पर देशभक्ति और आपसी भाईचारे का माहौल बना रहा।

समारोह के दौरान सभी पूर्व सैनिकों ने एक स्वर में गर्व के साथ कुमाऊं स्काउट्स गान गाया। इसके बाद ‘भारतीय सेना की जय’ और ‘कुमाऊं रेजीमेंट की जय’ के गगनभेदी नारों से पूरा हॉल गूंज उठा। देशभक्ति के नारों ने कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों में नया उत्साह भर दिया। इस दौरान सैन्य सेवा से जुड़ी पुरानी यादें भी ताजा हुईं।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण वीरांगनाओं और वरिष्ठ पूर्व सैनिकों का सम्मान रहा। संगठन की ओर से कुल नौ विशिष्ट जनों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इनमें उन वीरांगनाओं को विशेष सम्मान प्रदान किया गया, जिनके पति भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके थे और अब इस दुनिया में नहीं हैं। समारोह में उनके योगदान और सैनिक परिवारों के त्याग के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।

इसके साथ ही कुमाऊं स्काउट्स बटालियन के दो सबसे वरिष्ठ पूर्व सैनिकों को भी विशेष सम्मान से नवाजा गया। संगठन के सदस्यों ने उनके लंबे सैन्य अनुभव, अनुशासन और देश सेवा के प्रति समर्पण को याद किया। वरिष्ठ पूर्व सैनिकों का सम्मान समारोह में उपस्थित युवा पीढ़ी और सैनिक परिवारों के लिए प्रेरणादायक रहा।

कुमाऊं स्काउट्स बटालियन ने अपने साढ़े चार दशकों के सफर में देश की सीमाओं की सुरक्षा और सैन्य सेवा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा करने वाले सैनिकों का साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा इस बटालियन की गौरवशाली परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। स्थापना दिवस के अवसर पर इसी सैन्य विरासत को याद किया गया।

इस वार्षिक मिलन समारोह में पूर्व सैनिकों के साथ उनके परिवारों, महिलाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। लंबे समय बाद एक-दूसरे से मिले पूर्व सैनिकों ने सैन्य जीवन की पुरानी स्मृतियां साझा कीं। वहीं, परिवारों के बीच आपसी मेलजोल और स्नेह ने आयोजन को और अधिक यादगार बना दिया। कार्यक्रम ने सैनिक परिवारों के बीच एकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत किया।

समारोह के दौरान वीरांगनाओं के सम्मान ने सैनिक परिवारों के त्याग और समर्पण का संदेश दिया। देश की रक्षा में सैनिकों के योगदान के साथ उनके परिवारों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। आयोजन में उपस्थित लोगों ने भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं और पूर्व सैनिकों के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

कुमाऊं स्काउट्स परिवार का यह आयोजन केवल स्थापना दिवस मनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को एक मंच पर लाने का अवसर भी बना। समारोह के माध्यम से सैन्य सेवा के दौरान बने रिश्तों, भाईचारे और आपसी सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

खटीमा में आयोजित कुमाऊं स्काउट्स बटालियन का 45वां स्थापना दिवस समारोह देशभक्ति, सम्मान और गौरव की यादों के साथ संपन्न हुआ। वीरांगनाओं और वरिष्ठ पूर्व सैनिकों को सम्मानित करने के साथ ही संगठन ने अपनी सैन्य विरासत और परंपराओं के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई। इस आयोजन ने एक बार फिर संदेश दिया कि सैनिक भले ही अपनी सक्रिय सेवा से सेवानिवृत्त हो जाएं, लेकिन देश के प्रति उनका समर्पण और सैन्य परिवार से जुड़ाव हमेशा बना रहता है।