गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग तेज, हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन जारी

गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग तेज, हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन जारी

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाए जाने की मांग को लेकर हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में 18 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन जारी है। इस आंदोलन को प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगातार समर्थन मिल रहा है। राज्य आंदोलनकारियों, सामाजिक संगठनों और पहाड़ी आर्मी के कार्यकर्ताओं की भागीदारी के चलते आंदोलन को व्यापक समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित किए जाने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

क्रमिक अनशन में आज पहाड़ी आर्मी की महिला जिलाध्यक्ष भी शामिल हुईं। उन्होंने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महिलाओं की भूमिका को याद करते हुए कहा कि अलग राज्य के निर्माण के लिए महिलाओं ने अनेक संघर्ष और अत्याचार झेले। राज्य आंदोलन के दौरान महिलाओं ने लाठियां और गोलियां खाईं तथा कई महिलाओं के साथ गंभीर अत्याचार हुए। उन्होंने कहा कि उस समय राज्य आंदोलनकारियों का एक ही सपना था कि अपना राज्य बनने के बाद लोगों को उनके हक और अधिकार मिलेंगे, पलायन रुकेगा और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिलेगा।

महिला जिलाध्यक्ष ने प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य गठन के वर्षों बाद भी पहाड़ की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन सपनों और उम्मीदों के साथ उत्तराखंड राज्य का निर्माण हुआ था, वे आज भी अधूरे हैं। पहाड़ों से पलायन, रोजगार की कमी और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे अब भी गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पूर्व आईएएस अधिकारी विनोद प्रसाद रतूड़ी ने बताया कि क्रमिक अनशन में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आंदोलनकारी शामिल हो रहे हैं। अब तक टिहरी से अनिल बहुगुणा, चौखुटिया से भुवन कठायत, गौचर से रमेश थपलियाल, रुद्रप्रयाग से सेवानिवृत्त इंजीनियर दयाल सिंह राणा, मासी से आनंद राम, चमोली से दुर्गा प्रसाद, ऋषिकेश से रामेश्वर शर्मा, गैरसैंण से नारायण सिंह बिष्ट और कर्णप्रयाग से दान सिंह मिगवाल सहित कई लोग क्रमिक अनशन में बैठ चुके हैं।

उन्होंने बताया कि दिल्ली से जगदीश ममगाईं और अधिवक्ता भुवन चंद्र, पिथौरागढ़ से कविंद्र चंद सहित अन्य आंदोलनकारियों ने भी अनशन में भागीदारी की है। विनोद प्रसाद रतूड़ी के अनुसार अगले दिन तारा दत्त पांडे क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगातार लोग बुद्ध पार्क पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। उत्तराखंड से बाहर रहने वाले प्रवासी भी गैरसैंण राजधानी आंदोलन में भाग लेने के लिए हल्द्वानी पहुंच रहे हैं।

आंदोलन को समर्थन दे रहे पहाड़ी आर्मी के अध्यक्ष हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण पहाड़ के अस्तित्व, अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के वर्षों बाद भी स्थायी राजधानी का सवाल अधूरा रहना चिंताजनक है। पहाड़ के खेतों, किसानों, गांवों और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाया जाना आवश्यक है।

हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों के सपनों को अब और अधूरा नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग केवल राजधानी के स्थान परिवर्तन का विषय नहीं है, बल्कि यह पर्वतीय क्षेत्रों के विकास, रोजगार, पलायन और पहाड़ की पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण सवाल है। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों और राज्यवासियों से इस आंदोलन में भागीदारी करने की अपील की।

आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे समाजसेवी संतोष नेगी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आंदोलनकारी हल्द्वानी पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों को भी बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहाड़ की पहचान बचाने, पलायन रोकने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और पर्वतीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए सभी वर्गों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।

इस आंदोलन में बुजुर्ग राज्य आंदोलनकारियों का उत्साह भी देखने को मिल रहा है। नंदप्रयाग से हल्द्वानी पहुंचे 78 वर्षीय राज्य आंदोलनकारी गोपाल दत्त कुमोड़ी लगातार बुद्ध पार्क में डटे हुए हैं। वह धरना स्थल पर लगाए गए टेंट में ही दिन-रात रहकर आंदोलन में भागीदारी कर रहे हैं। उनकी मौजूदगी अन्य आंदोलनकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका संघर्ष गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के संकल्प को दर्शाता है।

इस दौरान पहाड़ी आर्मी के जिला अध्यक्ष फौजी राजेंद्र कांडपाल, प्रेमा मेर, नीमा भट्ट, मनोज रावत, जय रावत, अंजू पांडे, विनोद नेगी, संजय जोशी, संजय बिष्ट, कविता जीना, देवेंद्र सालाकोट, तारा पांडे, रजत पाटनी, दीपा आर्य, मुन्नी देवी, सीमा देवी, ललिता देवी, लता देवी, हिमानी पांडे, ज्योतिष्ण पांडे, उषा शर्मा, गजेंद्र नाथ, आनंद राम, शुभम जोशी और दीपक जोशी सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद रहे।

फिलहाल हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर क्रमिक अनशन लगातार जारी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण के पीछे पहाड़ के विकास और आम जनता के अधिकारों की रक्षा का सपना था। अब इसी सपने को पूरा करने के लिए गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित किया जाना चाहिए। आंदोलनकारियों ने सरकार से इस मुद्दे पर ठोस निर्णय लेने की मांग की है और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया है।