
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

डोईवाला के थानों स्थित लेखक गांव में आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का समापन समारोह उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर अतिथि शिरकत की। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर देश-विदेश से आए साहित्यकारों, लेखकों और कला जगत से जुड़ी हस्तियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रख्यात लेखक डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा भी शामिल हुए। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति और कला जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को प्रस्तुत किया गया।




लेखक गांव में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव की विशेष बात यह रही कि पांच दिवसीय आयोजन में दुनिया के करीब 60 देशों से आए लेखकों, साहित्यकारों और कला क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भागीदारी की। महोत्सव के माध्यम से विभिन्न देशों की साहित्यिक परंपराओं, सांस्कृतिक विचारों और रचनात्मक अनुभवों को साझा करने का अवसर मिला।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लेखक गांव की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती पर स्थापित लेखक गांव अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। यह स्थान साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों को नई दिशा देने के साथ नवाचार को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य समाज को नई सोच और सकारात्मक दिशा देने का सशक्त माध्यम है। लेखक और साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज की भावनाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से साहित्यिक संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहन मिलता है।
कार्यक्रम में मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की अध्यक्षता में साहित्य और संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए गए। लेखक गांव की इस पहल को साहित्यकारों और कलाकारों को एक साझा मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।



महोत्सव के दौरान देश-विदेश से पहुंचे साहित्यकारों और कलाकारों को एक-दूसरे के विचारों, अनुभवों और रचनात्मक कार्यों से परिचित होने का अवसर मिला। पांच दिनों तक चले इस आयोजन ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर भी प्रदान किया।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय महोत्सव के सफल आयोजन के साथ लेखक गांव एक बार फिर चर्चा का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह गांव साहित्य, संस्कृति, कला और नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्म देगा। पांच दिवसीय महोत्सव का समापन साहित्यिक संवाद, सांस्कृतिक एकता और रचनात्मक सहयोग के संदेश के साथ हुआ।

