
स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

रुड़की में बीएसएम शिक्षण संस्थान की संपत्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भारतीय ब्राह्मण समाज ने संस्थान की संपत्ति से जुड़े मामले में गंभीर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। इसी क्रम में समाज के पदाधिकारियों ने मालवीय चौक पर हवन-यज्ञ के साथ सांकेतिक धरना देकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने संस्थान में रिसीवर नियुक्त करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

धरने के दौरान भारतीय ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने दावा किया कि वर्ष 1934 में ब्राह्मण समाज की ओर से शिक्षण संस्थान की स्थापना के उद्देश्य से संपत्ति दान की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले करीब 40 वर्षों से एक परिवार का इस संपत्ति पर कब्जा बना हुआ है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर संपत्ति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।





सतीश शर्मा ने कहा कि शिक्षण संस्थान की संपत्ति समाज की भावनाओं और शैक्षणिक उद्देश्यों से जुड़ी हुई है। ऐसे में संपत्ति से संबंधित सभी तथ्यों की पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच के माध्यम से यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि संस्थान की संपत्ति का प्रबंधन किस प्रकार किया जा रहा है और उससे संबंधित व्यवस्थाएं नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।

भारतीय ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों ने मांग की कि संपत्ति विवाद की जांच पूरी होने और मामले का समाधान होने तक बीएसएम शिक्षण संस्थान में रिसीवर नियुक्त किया जाए। उनका कहना है कि इससे संस्थान की संपत्ति और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।



प्रदर्शन की शुरुआत मालवीय चौक पर विधि-विधान से हवन-यज्ञ के साथ की गई। इसके बाद समाज के पदाधिकारियों ने पंडित मदन मोहन मालवीय के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई और आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।
भारतीय ब्राह्मण समाज ने 29 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी थी। पदाधिकारियों का कहना है कि यदि संबंधित स्तर पर उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।




भारतीय ब्राह्मण समाज ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य संस्थान की संपत्ति से जुड़े तथ्यों को सामने लाना और शिक्षण संस्थान के संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित कराना है।

हालांकि, संपत्ति पर कब्जे और दान से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस संबंध में बीएसएम शिक्षण संस्थान प्रबंधन का पक्ष भी सामने आना आवश्यक है। संस्थान के अध्यक्ष ममतेश कुमार शर्मा और सचिव रजनीश कुमार शर्मा के नाम सितंबर 2026 की एक प्रकाशित रिपोर्ट में दर्ज हैं।

फिलहाल, संपत्ति विवाद की उच्चस्तरीय जांच और रिसीवर नियुक्त करने की मांग को लेकर भारतीय ब्राह्मण समाज ने प्रशासन से हस्तक्षेप की अपेक्षा जताई है। 29 अक्टूबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरना वास्तव में शुरू हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

