
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

राजधानी देहरादून को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। जीरो वेस्ट जेनरेशन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शहर में बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों को चिन्हित करने का अभियान शुरू कर दिया गया है। इसके तहत नगर निगम ने अब तक 110 बड़े संस्थानों की पहचान की है।

नगर निगम की ओर से ऐसे संस्थानों को बल्क वेस्ट जेनरेटर की श्रेणी में रखा जा रहा है, जहां प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न होता है और 20 हजार लीटर से ज्यादा पानी का इस्तेमाल किया जाता है। इन संस्थानों को कचरे के उत्पादन में कमी लाने और उसके उचित निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।





देहरादून के मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद शुक्ला ने बताया कि नगर निगम द्वारा शहर में बड़े स्तर पर कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों का सर्वेक्षण और चिन्हीकरण किया जा रहा है। अब तक 110 ऐसे संस्थानों की पहचान की गई है, जो निर्धारित मानकों के अंतर्गत आते हैं। इन सभी को जीरो वेस्ट जेनरेशन की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि नगर निगम का मुख्य उद्देश्य बड़े संस्थानों से निकलने वाले कचरे की मात्रा को कम करना और शहर की सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। इसके लिए संस्थानों को अपने स्तर पर कचरा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि अनावश्यक रूप से उत्पन्न होने वाले कचरे को नियंत्रित किया जा सके।



डॉ. आनंद शुक्ला ने कहा कि इस अभियान को लेकर जिला प्रशासन भी गंभीर है। जिलाधिकारी अपने स्तर पर अभियान का संज्ञान ले रहे हैं और नगर निगम के प्रयासों को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रशासन और नगर निगम के समन्वय से शहर में जीरो वेस्ट जेनरेशन के लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश की जा रही है।

नगर निगम की योजना आने वाले दिनों में चिन्हित संस्थानों को जीरो वेस्ट जेनरेशन अभियान के तहत पंजीकृत करने की है। इसके माध्यम से संस्थानों में कचरा उत्पादन की स्थिति पर नजर रखने और कचरा प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जाएगा।




नगर निगम का विशेष ध्यान उन संस्थानों पर रहेगा, जहां बड़ी मात्रा में कचरा पैदा होता है। अधिकारियों का प्रयास है कि इन संस्थानों में प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक उत्पन्न होने वाले कचरे की मात्रा में कमी लाई जाए। इसके लिए संस्थानों को कचरे के बेहतर प्रबंधन और उसके उत्पादन को सीमित करने की दिशा में कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

देहरादून नगर निगम की इस पहल को शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नगर निगम का मानना है कि बड़े संस्थानों की भागीदारी से कचरे के उत्पादन को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। साथ ही जीरो वेस्ट जेनरेशन अभियान के जरिए देहरादून को अधिक स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने के प्रयासों को गति मिलेगी।

