
स्थान : मसूरी (देहरादून)
ब्यूरो रिपोर्ट

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में मसूरी में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी के नेतृत्व में कार्यकर्ता शहीद भगत सिंह चौक पर एकत्र हुए और कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया। भाजपा नेताओं ने टिप्पणी की आलोचना करते हुए राजनीतिक संवाद में मर्यादा और शिष्टाचार बनाए रखने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के नाम पर प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणियां करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में नेताओं को अपनी भाषा और व्यवहार में संयम रखना चाहिए।




भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि राजनीति में विचारधारा, नीतियों और जनहित के मुद्दों पर विरोध होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी राजनीतिक शिष्टाचार के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे अपने बयानों में मर्यादा बनाए रखें।


नेहा जोशी ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपरा में राजनीतिक विरोध और वैचारिक असहमति का अपना महत्व है, लेकिन व्यक्तिगत और पारिवारिक टिप्पणियों से राजनीतिक संवाद की गरिमा प्रभावित होती है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक मंचों पर संयमित भाषा का प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को एक-दूसरे के परिवारों पर टिप्पणी करने के बजाय देश और प्रदेश की वास्तविक समस्याओं पर चर्चा करनी चाहिए।


भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी ने उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश अपनी सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक मूल्यों और आपसी सम्मान की भावना के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि राजनीति में भी इन मूल्यों का सम्मान किया जाना चाहिए। राजनीतिक दलों को विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की उत्तराखंड के लोगों को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई। नेहा जोशी ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से पहले प्रदेश के इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और देश के विकास में यहां के योगदान को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के सम्मान से जुड़े विषयों पर नेताओं को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।




भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विपक्ष को सरकार की नीतियों और निर्णयों पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन राजनीतिक बहस को व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं से सार्वजनिक बयानों में संयम बरतने की मांग की।

इस विवाद की शुरुआत 25 अक्टूबर को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम से हुई थी, जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभा में एक व्यक्ति की टिप्पणी का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी के पिता का उल्लेख किया था। इस बयान पर भाजपा ने आपत्ति जताई और विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए। हालांकि, यह टिप्पणी एक श्रोता के राजनीतिक बयान के जवाब में की गई थी और उसके संदर्भ को लेकर भी चर्चा हुई।
मसूरी में आयोजित प्रदर्शन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की मांग दोहराई। इस दौरान भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में संवाद की गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों और नेताओं की जिम्मेदारी है।

