लोहाघाट में सड़क निर्माण कार्य के दौरान दर्दनाक हादसा, ब्रेजा कार की टक्कर से मजदूर की मौत

लोहाघाट में सड़क निर्माण कार्य के दौरान दर्दनाक हादसा, ब्रेजा कार की टक्कर से मजदूर की मौत

स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट

चंपावत जिले के लोहाघाट में सड़क निर्माण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। लोहाघाट-खेतीखान मोटर मार्ग पर लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे हॉट मिक्स डामरीकरण कार्य में लगे एक मजदूर की ब्रेजा कार की टक्कर से मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वहीं, साथी मजदूरों और स्थानीय लोगों ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने के साथ ही सड़क निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, घटना 26 अक्टूबर की सुबह लोहाघाट के कोलीढेक क्षेत्र में शिवा होटल के पास की है। यहां लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क पर हॉट मिक्स डामरीकरण का कार्य कराया जा रहा था। डामरीकरण के बाद बिहार के किशनगंज निवासी 40 वर्षीय मनोज शर्मा पुत्र लोकमान शर्मा सड़क पर चूने का छिड़काव कर रहे थे। इसी दौरान लोहाघाट की ओर आ रही एक ब्रेजा कार ने उन्हें टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि कार को सुई निवासी पंकज चला रहा था।

हादसे में मनोज शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। साथी मजदूरों ने उन्हें तत्काल उपचार के लिए लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। हालांकि, कुछ समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें उपचार के लिए हायर सेंटर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में बस्तिया के पास उन्होंने दम तोड़ दिया।

मजदूर की मौत की सूचना मिलने पर साथी मजदूरों और ठेकेदार ने लोहाघाट पुलिस को घटना की जानकारी दी। थानाध्यक्ष ओमप्रकाश ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर बिहार रवाना हो गए। थानाध्यक्ष के अनुसार, दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मृतक मनोज शर्मा अपने पीछे तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। बताया जा रहा है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और मनोज मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। साथी मजदूरों ने मृतक के आश्रितों को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद सड़क निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डामरीकरण कार्य के दौरान सड़क पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा बैरियर नहीं लगाए गए थे। उनका कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और मजदूरों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाने चाहिए थे।

लोगों ने आशंका जताई कि यदि सुरक्षा उपायों पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में भी इस तरह की दुर्घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से सड़क निर्माण स्थलों पर चेतावनी संकेतक, सुरक्षा बैरियर और यातायात नियंत्रण की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। वहीं, इस हादसे ने सड़क निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों की सुरक्षा और निर्माण स्थलों पर बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।