काशीपुर में तहबाजारी व्यवस्था में बड़ा बदलाव, ठेके होंगे निरस्त; अब नगर निगम कर्मचारी करेंगे वसूली

काशीपुर में तहबाजारी व्यवस्था में बड़ा बदलाव, ठेके होंगे निरस्त; अब नगर निगम कर्मचारी करेंगे वसूली

स्थान : काशीपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

नगर निगम काशीपुर की तहबाजारी व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। महापौर दीपक बाली ने तहबाजारी के ठेके निरस्त करने और भविष्य में नगर निगम के कर्मचारियों के माध्यम से ही शुल्क वसूली कराने की घोषणा की है। इस फैसले का उद्देश्य वसूली प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और तहबाजारी शुल्क को लेकर मिल रही शिकायतों का समाधान करना है।

महापौर दीपक बाली ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नगर निगम की तहबाजारी व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तहबाजारी शुल्क की वसूली ठेकेदारों के माध्यम से कराने के बजाय नगर निगम के कर्मचारी करेंगे।

महापौर ने कहा कि तहबाजारी शुल्क में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की गई है। पहले से निर्धारित शुल्क ही लागू रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारियों और अन्य संबंधित लोगों से निर्धारित दरों के अनुसार ही शुल्क लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि तहबाजारी शुल्क के स्लैब को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों और पार्षदों के साथ विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया।

महापौर के अनुसार, तहबाजारी शुल्क की वसूली के लिए अब किसी नई निविदा की आवश्यकता नहीं होगी। नगर निगम अपने कर्मचारियों के माध्यम से ही यह जिम्मेदारी निभाएगा। इससे वसूली प्रक्रिया पर निगम का सीधा नियंत्रण रहेगा और व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि तहबाजारी शुल्क की दरों और निर्धारित स्लैब को जनता के सामने स्पष्ट किया जाएगा। इससे लोगों को पहले से जानकारी मिल सकेगी कि किस श्रेणी और निर्धारित सीमा के अनुसार कितना शुल्क देय है। शुल्क संबंधी जानकारी सार्वजनिक होने से भ्रम की स्थिति दूर करने में भी मदद मिलेगी।

महापौर ने कहा कि व्यवस्था में बदलाव का प्रमुख उद्देश्य तहबाजारी वसूली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और लोगों की शिकायतों का निस्तारण करना है। नगर निगम की ओर से निर्धारित दरों के अनुरूप वसूली किए जाने से शुल्क को लेकर होने वाली असमंजस की स्थिति को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

नगर निगम की इस नई व्यवस्था से तहबाजारी वसूली की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। अब ठेकेदारों के स्थान पर नगर निगम के कर्मचारी वसूली करेंगे, जबकि शुल्क की पुरानी दरें ही लागू रहेंगी। महापौर की इस घोषणा के बाद नई व्यवस्था के क्रियान्वयन और शुल्क स्लैब को सार्वजनिक किए जाने पर लोगों की नजर रहेगी।