धामी कैबिनेट के 22 प्रस्तावों पर चर्चा, 7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को मंजूरी; एकल नारी सम्मान योजना को हरी झंडी

धामी कैबिनेट के 22 प्रस्तावों पर चर्चा, 7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट को मंजूरी; एकल नारी सम्मान योजना को हरी झंडी

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित 22 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में महिला कल्याण, शिक्षा, खेल, पर्यटन, प्रशासनिक पुनर्गठन और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने निराश्रित महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को मंजूरी देने के साथ आगामी विधानसभा सत्र में 7,412 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई।

कैबिनेट ने प्रदेश की निराश्रित महिलाओं के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को मंजूरी दी। इस फैसले को महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, योजना के तहत पात्रता, सहायता राशि और क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत जानकारी अलग से स्पष्ट होगी।

शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। समाज कल्याण विभाग के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग देने के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी गई है। इसके अलावा, ऊधम सिंह नगर जिले के राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को उच्चीकृत कर हाईस्कूल का दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। दिव्यांग विद्यार्थियों को उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में पांच अंकों की छूट देने के फैसले पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई।

वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने आगामी विधानसभा सत्र में 7,412 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। उरेड़ा के ढांचे के पुनर्गठन और कनिष्ठ अभियंताओं के पदों को उच्चीकृत करने का निर्णय भी लिया गया। निदेशालय विभागीय लेखा के मिनिस्टीरियल संवर्ग के पदों तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के ढांचे के पुनर्गठन को भी स्वीकृति दी गई।

बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए सरकार ने सड़क और पुल निर्माण से जुड़ी स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने का फैसला किया है। अब सड़क और पुल निर्माण के लिए अलग-अलग स्वीकृतियों के बजाय एक ही स्वीकृति से काम किए जाने की व्यवस्था को मंजूरी दी गई है। इससे निर्माण कार्यों की प्रक्रिया में तेजी आने और प्रशासनिक औपचारिकताएं कम होने की उम्मीद है।

कैबिनेट ने खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए भी कई फैसले लिए। प्रदेश के प्रत्येक जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षक तैनात करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने का निर्णय लिया गया। इन फैसलों का उद्देश्य खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना और प्रदेश में खेल गतिविधियों को मजबूत करना है।

पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी गई। वहीं, प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत अन्नामृत फाउंडेशन को हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में केंद्रीय किचन स्थापित करने के लिए भूमि आवंटन की स्वीकृति दी गई। इन किचन के माध्यम से योजना के तहत भोजन व्यवस्था को संचालित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

कानूनी और संस्थागत मामलों में भी कैबिनेट ने कई प्रस्तावों को मंजूरी दी। उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 में जनजातियों की सूची में दर्ज ‘जन्नासारी’ शब्द को ‘जौनसारी’ करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। समान नागरिक संहिता के प्रावधानों में लिपिकीय त्रुटियों को सुधारने के लिए संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके अलावा, उत्तराखंड विधि संशोधन विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने तथा उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019-22 की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।

कैबिनेट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह-ग और समूह-घ कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली को मंजूरी दी। स्टांप वादों के निस्तारण के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को भी हरी झंडी दी गई। इसके साथ ही हरिद्वार में आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएमएस विश्वविद्यालय नाम से दो निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।

कैबिनेट बैठक में लिए गए इन फैसलों से महिला कल्याण, शिक्षा, खेल, पर्यटन और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव की उम्मीद है। आगामी विधानसभा सत्र में अनुपूरक बजट पेश किए जाने के साथ अब इन निर्णयों के क्रियान्वयन और संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।