रेखा आर्य पर लगे आरोपों की जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करे सरकार: राजेंद्र पुनेठा

रेखा आर्य पर लगे आरोपों की जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करे सरकार: राजेंद्र पुनेठा

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू से जुड़े विवाद को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर गिरधारी लाल साहू की ओर से मंत्री रेखा आर्य पर 210 करोड़ रुपये की संपत्ति भ्रष्टाचार के जरिए अर्जित करने के आरोप लगाए जाने के बाद अब उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) भी इस मामले में सामने आया है। यूकेडी के चंपावत जिलाध्यक्ष राजेंद्र पुनेठा ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

राजेंद्र पुनेठा ने कहा कि मामला राज्य सरकार की कैबिनेट मंत्री से जुड़ा है और इस संबंध में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ऐसे में सरकार को मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच करानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि कैबिनेट मंत्री की संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए, ताकि आरोपों की वास्तविकता सामने आ सके।

यूकेडी जिलाध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने गंभीर आरोप सामने आने के बावजूद सरकार की ओर से जांच नहीं कराई जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द मामले की जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए, जिससे जनता के सामने पूरे प्रकरण की स्थिति स्पष्ट हो सके।

राजेंद्र पुनेठा ने प्रदेश में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और जनता को विकास के अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका जवाब देगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास का लाभ आम जनता तक पहुंचने के बजाय नेताओं तक सीमित होता दिखाई दे रहा है। यूकेडी जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

रेखा आर्य और गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहे विवाद पर अपनी बात रखते हुए पुनेठा ने कहा कि किसी के पारिवारिक विवाद से राजनीतिक दल का सीधे तौर पर कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि जब इसी विवाद के दौरान कैबिनेट मंत्री पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं, तो सरकार को उनकी जांच करानी चाहिए। उनके अनुसार, आरोपों की निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है।

यूकेडी जिलाध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पारिवारिक विवाद को सोशल मीडिया पर सामने लाया गया, ताकि जनता की सहानुभूति हासिल की जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह के विवादों को सार्वजनिक करने के बजाय संबंधित आरोपों की सत्यता की जांच पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

फिलहाल, इस पूरे मामले में लगाए गए भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राजेंद्र पुनेठा की ओर से उठाई गई जांच की मांग के बीच अब देखना होगा कि राज्य सरकार और संबंधित पक्ष इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।