
स्थान : खटीमा
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा से बड़ी खबर सामने आई है। धर्म स्वतंत्रता अधिनियम से जुड़े एक मामले में नामजद अभियुक्त दान सिंह राणा की जमानत निरस्त कराने के लिए खटीमा पुलिस ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। पुलिस ने जमानत पर रिहाई के बाद अभियुक्त की गतिविधियों को लेकर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है।

जानकारी के अनुसार, खटीमा कोतवाली में दर्ज मुकदमा संख्या 95/2026 में दान सिंह राणा को अभियुक्त बनाया गया है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2), 61(2) और उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3/5 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस की ओर से मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।




बताया जा रहा है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद अभियुक्त दान सिंह राणा को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इसके बाद न्यायालय से उसे अंतरिम जमानत मिल गई थी। जमानत मिलने के बाद वह न्यायिक हिरासत से रिहा हो गया था। हालांकि, रिहाई के बाद उसकी गतिविधियों को लेकर पुलिस को कुछ शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

पुलिस के अनुसार, जमानत पर बाहर आने के बाद अभियुक्त की गतिविधियों को लेकर मिली शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस ने इन शिकायतों को जमानत निरस्तीकरण के लिए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है, ताकि मामले में न्यायिक स्तर पर निर्णय लिया जा सके।


खटीमा पुलिस ने दान सिंह राणा की अंतरिम जमानत निरस्त कराने के उद्देश्य से संबंधित न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में प्राप्त शिकायतों और परिस्थितियों के आधार पर यह कानूनी कदम उठाया गया है। अब न्यायालय तथ्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद निर्णय करेगा।
धर्म स्वतंत्रता अधिनियम से जुड़े इस प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए। हालांकि, अभियुक्त के खिलाफ दर्ज आरोपों और जमानत के बाद मिली शिकायतों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।



खटीमा कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक केसी आर्य के अनुसार, धर्मांतरण के आरोप में दान सिंह राणा के खिलाफ मई 2026 में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने बताया कि जमानत पर रिहाई के बाद मिली शिकायतों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर 10 अक्टूबर को जमानत निरस्तीकरण का प्रार्थना पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
फिलहाल दान सिंह राणा की जमानत निरस्त किए जाने पर न्यायालय का निर्णय आना बाकी है। यदि अदालत जमानत निरस्त करने का आदेश देती है, तो खटीमा पुलिस उसके निर्देशों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। इस मामले में जमानत पर रिहाई के बाद की गतिविधियां और पुलिस की ओर से प्रस्तुत शिकायतें न्यायिक विचार का विषय होंगी।

