ऊधम सिंह नगर में भूमि हस्तांतरण में फर्जीवाड़े का आरोप, भीम फोर्स ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

ऊधम सिंह नगर में भूमि हस्तांतरण में फर्जीवाड़े का आरोप, भीम फोर्स ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

स्थान : रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर)
ब्यूरो रिपोर्ट

ऊधम सिंह नगर जिले में भूमि हस्तांतरण से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले को लेकर भीम फोर्स ने उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश राज ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने भूमि हस्तांतरण में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

भीम फोर्स की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि जनपद बागेश्वर के ग्राम चोगावछीना निवासी दीपक कुमार की भूमि को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों और हस्ताक्षरों के आधार पर अन्य व्यक्तियों के नाम हस्तांतरित किया गया। संगठन ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित भूमि अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है।

ज्ञापन में रामनगर के राजस्व अभिलेखों में कथित हेराफेरी का भी उल्लेख किया गया है। संगठन का आरोप है कि भूमि से संबंधित दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड में अनियमितताएं हुई हैं। भीम फोर्स ने संबंधित अभिलेखों का सत्यापन कर यह पता लगाने की मांग की है कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

इसके अलावा रुद्रपुर क्षेत्र की खसरा संख्या 171 मि. में दर्ज 1.1820 हेक्टेयर भूमि के हस्तांतरण पर भी सवाल उठाए गए हैं। संगठन ने इस भूमि से संबंधित दस्तावेजों, स्वामित्व विवरण और हस्तांतरण की पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। साथ ही कथित फर्जी हस्ताक्षरों और दस्तावेजों की सत्यता की जांच की आवश्यकता जताई है।

भीम फोर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश राज ने अनुसूचित जाति और बीपीएल प्रमाण पत्रों के इस्तेमाल को लेकर भी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि संबंधित प्रमाण पत्रों की वैधता और भूमि हस्तांतरण में उनकी भूमिका की जांच की जानी चाहिए, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि प्रकरण में शामिल बताए जा रहे सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके साथ ही भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

राजेश राज ने कहा कि भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराकर तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की। संगठन का कहना है कि जांच के माध्यम से ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी और संबंधित पक्षों को न्याय मिल सकेगा।

फिलहाल, भीम फोर्स की ओर से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में राजस्व अभिलेखों, भूमि हस्तांतरण से जुड़े दस्तावेजों और संबंधित प्रमाण पत्रों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। संगठन ने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।