खटीमा में किसानों को दिया मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण, स्वरोजगार से बढ़ेगी आमदनी

खटीमा में किसानों को दिया मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण, स्वरोजगार से बढ़ेगी आमदनी

स्थान – खटीमा/ऊधम सिंह नगर
रिपोर्टर – अशोक सरकार

किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से खटीमा में तीन दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान किसानों और महिलाओं को मधुमक्खी पालन की आधुनिक तकनीकों, मधुमक्खियों की देखभाल, शहद उत्पादन और इस व्यवसाय से आर्थिक लाभ प्राप्त करने के तरीकों की विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती के साथ-साथ अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध कराना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना रहा। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि मधुमक्खी पालन कम संसाधनों में शुरू किया जा सकने वाला व्यवसाय है, जिसे अपनाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मधुमक्खी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, पंतनगर विश्वविद्यालय से जुड़े विशेषज्ञों और उद्यान विभाग के अधिकारियों ने किसानों को मधुमक्खी पालन की विभिन्न तकनीकों से अवगत कराया। इस दौरान प्रतिभागियों को सैद्धांतिक जानकारी देने के साथ ही प्रायोगिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

मुख्य उद्यान अधिकारी सतीश कुमार शर्मा ने किसानों को मौके पर मधुमक्खी पालन की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने मधुमक्खियों के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार करने, छत्तों के रखरखाव और शहद उत्पादन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। साथ ही किसानों को मधुमक्खी पालन को एक अतिरिक्त व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने मधुमक्खियों की देखभाल, उनके भोजन की व्यवस्था, छत्तों के प्रबंधन और सुरक्षित तरीके से शहद निकालने की विधियों के बारे में बताया। किसानों को यह भी समझाया गया कि वैज्ञानिक तकनीकों और सही प्रबंधन के माध्यम से मधुमक्खी पालन को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। प्रशिक्षण प्राप्त करने पहुंची महिलाओं ने मधुमक्खी पालन की बारीकियों को समझा और व्यावहारिक गतिविधियों में भाग लिया। महिलाओं ने इस व्यवसाय को घरेलू कार्यों और कृषि गतिविधियों के साथ अपनाकर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त करने की संभावनाओं में रुचि दिखाई।

इस अवसर पर मधु विकास निरीक्षक गूंजीता भट्ट, पंतनगर विश्वविद्यालय की डॉ. आकृति और खटीमा के उद्यान सहायक दान सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं विशेषज्ञ मौजूद रहे। उन्होंने किसानों और महिलाओं को मधुमक्खी पालन से संबंधित तकनीकी जानकारी प्रदान की तथा प्रशिक्षण के दौरान उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

प्रशिक्षण में शामिल किसानों और महिलाओं ने उम्मीद जताई कि इस कार्यक्रम से प्राप्त जानकारी उनके लिए उपयोगी साबित होगी। मधुमक्खी पालन को स्वरोजगार के रूप में अपनाकर वे अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकेंगे। वहीं, इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर विकसित होने और किसानों की आय बढ़ने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।