रामनगर में कांग्रेस का ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मार्च, चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन

रामनगर में कांग्रेस का ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मार्च, चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन

स्थान : रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रामनगर में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मार्च निकाला। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत के नेतृत्व में निकला मार्च नगरपालिका परिसर स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा से शुरू होकर लखनपुर चौराहे तक पहुंचा।

कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने और राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला दहन किया और नारेबाजी की।

मार्च में नैनीताल कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने, लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर नारे लगाए।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया के चलते बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। पार्टी ने इसे मताधिकार से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। देश के अन्य हिस्सों में भी विपक्षी दल SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणजीत सिंह रावत ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और INDIA गठबंधन के आह्वान पर लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए यह आंदोलन चलाया जा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की।

रावत ने कहा कि संविधान प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार देता है और किसी भी प्रक्रिया के माध्यम से पात्र मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपनी आवाज लगातार उठाती रहेगी।

प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने उपजिलाधिकारी रामनगर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मताधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि विपक्षी दलों ने 2 से 8 अक्टूबर के बीच विभिन्न स्थानों पर लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन की घोषणा की है।