
स्थान : बद्रीनाथ धाम
ब्यूरो रिपोर्ट

भू-बैकुंठ नगरी बद्रीनाथ धाम में दूसरे चरण की तीर्थयात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। पितृ पक्ष के चलते इन दिनों देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पितरों और पूर्वजों के नाम तर्पण व पिंडदान करने के लिए बदरीपुरी पहुंच रहे हैं।

अलकनंदा नदी के तट पर स्थित पौराणिक ब्रह्मकपाल तीर्थ में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। श्रद्धालु विधि-विधान से अपने पूर्वजों के निमित्त तर्पण और पिंडदान कर रहे हैं।


बदरीनाथ मंदिर में भी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग रही है। सुबह से ही सिंहद्वार से लेकर काफी आगे तक तीर्थयात्री अपनी बारी का इंतजार करते नजर आ रहे हैं।


बदरी विशाल के जयकारों से पूरा धाम भक्तिमय बना हुआ है। देवदर्शनी से लेकर मंदिर के परिक्रमा पथ तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बनी हुई है, जिससे धाम में धार्मिक उत्साह का माहौल है।


तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या का असर स्थानीय कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। तीर्थ पुरोहित, पंडा समाज, होटल कारोबारी, प्रसाद और माला की दुकान चलाने वाले व्यापारी इन दिनों खासे व्यस्त हैं।

यात्रा सीजन के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से बदरीनाथ धाम में एक बार फिर रौनक लौट आई है। पितृ पक्ष के कारण ब्रह्मकपाल तीर्थ में धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला लगातार जारी है।



आपके दिए विवरण के अनुसार कपाट खुलने से अब तक करीब साढ़े अठारह लाख श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित कर चुके हैं। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

अभी दशहरा और कार्तिक स्नान जैसे प्रमुख पर्व आने बाकी हैं। ऐसे में बदरीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों की आवाजाही आगे भी तेज रहने की उम्मीद है और यात्रा से जुड़े कारोबारियों को भी अच्छे सीजन की आस है।

