हरिद्वार में वन्यजीव रेस्क्यू का आंकड़ा 2200 के पार, सांप और मगरमच्छ सबसे ज्यादा

हरिद्वार में वन्यजीव रेस्क्यू का आंकड़ा 2200 के पार, सांप और मगरमच्छ सबसे ज्यादा

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

जिले में इस वर्ष वन्यजीव रेस्क्यू के मामलों में बड़ी संख्या दर्ज की गई है। वन विभाग के 1 जनवरी से 24 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार अलग-अलग वन रेंजों में कुल 2,221 वन्यजीवों का रेस्क्यू किया गया।

रेस्क्यू किए गए वन्यजीवों में सबसे अधिक संख्या सांपों और मगरमच्छों की रही। आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों के पहुंचने की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें सुरक्षित पकड़ा।

वन विभाग के अनुसार कोबरा, वाइपर, धामन और अजगर जैसी विभिन्न प्रजातियों के सांपों का रेस्क्यू किया गया। इसके अलावा मगरमच्छों को भी कई क्षेत्रों से पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा गया।

कुछ मामलों में गुलदार जैसे खतरनाक वन्यजीवों को भी रेस्क्यू किया गया। ऐसे अभियानों के दौरान वनकर्मियों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी, ताकि वन्यजीवों और स्थानीय लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

रेंज अधिकारी शीशपाल सिंह ने बताया कि मानसून से पहले वनकर्मियों को वन्यजीव रेस्क्यू के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण में अलग-अलग प्रजातियों के वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने और छोड़ने की जानकारी दी गई।

रेस्क्यू टीमों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध कराए गए, जिससे जोखिम वाले अभियानों के दौरान वनकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

वन विभाग का कहना है कि बरसात के मौसम में सांप, मगरमच्छ और अन्य वन्यजीव अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। ऐसे मामलों में प्रशिक्षित टीम को ही रेस्क्यू की जिम्मेदारी दी जाती है।

रेंज अधिकारी शीशपाल सिंह ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर स्वयं उसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें।