
स्थान : औली, ज्योर्तिमठ
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड की प्रमुख विंटर डेस्टिनेशन औली में शीतकालीन खेलों के लिए विकसित किए गए बुनियादी ढांचे की स्थिति को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय पर्यटन कारोबारियों और खेल प्रेमियों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आर्टिफिशियल स्नो मेकिंग सिस्टम और ओपन आइस स्केटिंग रिंक का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। जनवरी 2026 में भी स्थानीय लोगों ने स्नो मेकिंग सिस्टम और आइस स्केटिंग रिंक को चालू कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।

औली में कृत्रिम बर्फ तैयार करने के लिए करीब 6.5 करोड़ रुपये की लागत से स्नो मेकिंग सिस्टम लगाया गया था। पुराने रिकॉर्ड के अनुसार यह प्रणाली वर्ष 2011 के आसपास स्थापित की गई थी और इसमें कई स्नो गन शामिल थीं। समय-समय पर इसकी तकनीकी खराबी और मरम्मत का मुद्दा सामने आता रहा है।


स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्तमान में स्नो गन मशीनें नियमित रूप से उपयोग में नहीं आ रही हैं और कई उपकरण खराब स्थिति में पड़े हैं। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि यदि कृत्रिम बर्फ बनाने की व्यवस्था सुचारु रहे तो कम प्राकृतिक बर्फबारी की स्थिति में भी स्कीइंग गतिविधियों को लंबे समय तक जारी रखा जा सकता है।


इसी तरह औली में जीएमवीएन गेस्ट हाउस के पास विकसित किए गए ओपन आइस स्केटिंग रिंक को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद रिंक अभी तक नियमित रूप से आइस स्केटिंग गतिविधियों के लिए उपयोग में नहीं आ सका है।


शीतकालीन खेल विशेषज्ञ विवेक पंवार के अनुसार पिछले वर्ष स्थानीय युवाओं ने स्नो मेकिंग सिस्टम और आइस स्केटिंग रिंक को लेकर आंदोलन किया था। उनका दावा है कि उस समय 2026 तक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का आश्वासन मिला था, लेकिन मुख्य रिंक का काम अब भी पूरा नहीं हो सका है। जनवरी 2026 में इस विषय पर स्थानीय स्तर पर आंदोलन होने की पुष्टि भी प्रकाशित रिपोर्टों में हुई थी।

स्थानीय पर्यटन हितधारकों का कहना है कि औली की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्कीइंग गंतव्य के रूप में है और शीतकालीन खेल यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े हैं। ऐसे में स्नो मेकिंग और आइस स्केटिंग जैसी सुविधाएं चालू होने से पर्यटन सीजन बढ़ाने और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।



हालांकि फरवरी 2026 में औली में राष्ट्रीय स्कीइंग चैंपियनशिप और विंटर कार्निवल का आयोजन किया गया था, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों और सुरक्षा बलों की टीमें शामिल हुई थीं। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि औली में शीतकालीन खेलों की संभावनाएं बरकरार हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव को लेकर मांग लगातार उठ रही है।

पर्यटन कारोबारियों और स्थानीय युवाओं का कहना है कि यदि अधूरे कार्यों और खराब उपकरणों को जल्द दुरुस्त नहीं किया गया तो वे दोबारा आंदोलन कर सकते हैं। फिलहाल उनकी मांग है कि पर्यटन विभाग और संबंधित कार्यदायी संस्थाएं परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें और विंटर सीजन से पहले स्नो मेकिंग सिस्टम तथा आइस स्केटिंग रिंक को पूरी तरह उपयोग योग्य बनाया जाए।

