
स्थान : लक्सर
ब्यूरो रिपोर्ट

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत की धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा ने हरिद्वार ग्रामीण, लक्सर और खानपुर विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। एक अक्टूबर को निकाली गई यात्रा हरिद्वार से लक्सर होते हुए खानपुर तक पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।

यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने हरीश रावत का स्वागत किया। लक्सर और खानपुर क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में लोग उनके काफिले के साथ नजर आए। रावत ने रास्ते में लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद किया।


हरीश रावत ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य जनता के बीच जाना, लोगों से संवाद करना और प्रदेश के मुद्दों को समझना है। उन्होंने कहा कि उन्हें यात्रा के दौरान लोगों का सहयोग और समर्थन मिल रहा है तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जनता के बीच लगातार संवाद बनाए रखना चाहिए।


यात्रा के साथ ही 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। विशेष रूप से खानपुर विधानसभा सीट पर हरीश रावत की संभावित दावेदारी को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि कांग्रेस की ओर से उनकी उम्मीदवारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।



खानपुर से चुनाव लड़ने के सवाल पर हरीश रावत ने कहा कि वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी और संगठन का होगा। उन्होंने इससे पहले भी कहा है कि 2027 के चुनाव में पार्टी नेतृत्व जो जिम्मेदारी देगा, वह उसी के अनुरूप काम करेंगे।

यात्रा के दौरान रावत ने प्रदेश के राजनीतिक हालात पर भी अपनी बात रखी और बदलाव की आवश्यकता का संदेश दिया। उन्होंने किसानों, युवाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से लोगों की समस्याएं सुनने और उनके बीच सक्रिय रहने को कहा।



खानपुर सीट को लेकर अलग-अलग राजनीतिक संभावनाओं पर स्थानीय स्तर पर चर्चा जरूर हो रही है, लेकिन चुनावी मुकाबले की अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों की औपचारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी। फिलहाल हरीश रावत की इस यात्रा ने हरिद्वार ग्रामीण, लक्सर और खानपुर क्षेत्र में कांग्रेस की गतिविधियों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

लक्सर से खानपुर तक समर्थकों की मौजूदगी और जगह-जगह हुए स्वागत के कारण यात्रा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि हरीश रावत और कांग्रेस इस जनसंवाद अभियान को किस तरह आगे बढ़ाते हैं और 2027 चुनाव से पहले संगठनात्मक रणनीति किस दिशा में आकार लेती है।

