हल्द्वानी में नंदा-सुनंदा महोत्सव का समापन, शोभायात्रा में उमड़ी श्रद्धा

हल्द्वानी में नंदा-सुनंदा महोत्सव का समापन, शोभायात्रा में उमड़ी श्रद्धा

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

नैनीताल की तर्ज पर हल्द्वानी के आवास विकास क्षेत्र में भी मां नंदा-सुनंदा महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। महोत्सव के अंतिम दिन भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

आयोजक समीर आर्य के नेतृत्व में पिछले कई वर्षों से आवास विकास क्षेत्र में मां नंदा-सुनंदा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी धार्मिक कार्यक्रमों के साथ महोत्सव का आयोजन किया गया और अंतिम दिन शोभायात्रा निकाली गई।

शोभायात्रा आवास विकास से शुरू होकर हल्द्वानी के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी। यात्रा के दौरान मां नंदा-सुनंदा के डोले को आकर्षक रूप से सजाया गया था, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।

डोले के आगे श्रद्धालु मां नंदा-सुनंदा की आरती और पूजा-अर्चना करते हुए आगे बढ़ रहे थे। धार्मिक जयकारों और भक्ति गीतों से पूरे मार्ग का माहौल भक्तिमय बना रहा।

बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। बड़ी संख्या में लोग सड़कों के किनारे खड़े होकर शोभायात्रा और मां के डोले के दर्शन करते नजर आए। लोगों ने मां से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

शोभायात्रा हल्द्वानी के विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस आवास विकास पहुंची, जहां विधि-विधान से महोत्सव का समापन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं और आयोजन समिति के सदस्यों में खासा उत्साह दिखाई दिया।

नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव उत्तराखंड की प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में शामिल है। मां नंदा-सुनंदा को कुमाऊं की आराध्य देवी के रूप में विशेष श्रद्धा के साथ पूजा जाता है।

महोत्सव के माध्यम से कुमाऊं की धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और पारंपरिक मान्यताओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास भी किया जाता है। हल्द्वानी में आयोजित कार्यक्रम में भी स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की।

आयोजन समिति ने शोभायात्रा और महोत्सव में सहयोग देने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का आभार जताया। बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने मां नंदा-सुनंदा के प्रति लोगों की आस्था और श्रद्धा को दर्शाया।