
स्थान : बाज़पुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

उत्तराखंड एसटीएफ ने ऊधम सिंह नगर के बाजपुर में अवैध SIM Box के जरिए संचालित टेलीकॉम गेटवे का भंडाफोड़ करने के बाद जांच तेज कर दी है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि प्रदेश में सामने आया यह अपनी तरह का पहला SIM Box रिकवरी मामला है। साइबर कुमाऊं और एसटीएफ की टीम ने सूचना की पुष्टि के बाद बाजपुर क्षेत्र में एक मकान पर छापा मारकर आरोपी को गिरफ्तार किया था।

एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक टीम को इनपुट मिला था कि बाजपुर क्षेत्र में SIM Box संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से अंतरराष्ट्रीय और इंटरनेट आधारित कॉल को डायवर्ट कर भारतीय मोबाइल नंबर के रूप में दिखाया जा रहा है। सूचना की तकनीकी रूप से पुष्टि करने के बाद टीम ने मुड़िया ईदगाह के पास स्थित ठिकाने पर दबिश दी।



छापेमारी के दौरान दो SIM Box, 114 सिम कार्ड और बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक एवं टेलीकॉम उपकरण बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार इनमें 77 एंटीना, इंटरनेट राउटर, मोबाइल फोन, नेटवर्क केबल, एडॉप्टर, फाइबर वायर और मीडिया कन्वर्टर सहित अन्य उपकरण शामिल हैं। मौके से मुरादाबाद निवासी कादिर को गिरफ्तार किया गया।


अजय सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में यह नेटवर्क करीब सात महीने से संचालित होने की जानकारी मिली है। जांच में बांग्लादेश से जुड़े कुछ साइबर अपराधियों से आरोपी के संपर्क की बात भी सामने आई है। एसटीएफ के अनुसार SIM Box उपकरण बांग्लादेश से कुरियर के माध्यम से भेजे जाने की जानकारी मिली है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।


SIM Box तकनीक के माध्यम से विदेश से आने वाली कॉल को इंटरनेट के जरिए भारतीय सिम कार्ड से स्थानीय कॉल के रूप में आगे भेजा जाता है। इससे कॉल प्राप्त करने वाले व्यक्ति के मोबाइल पर विदेशी नंबर के बजाय भारतीय नंबर दिखाई देता है। जांच एजेंसियों के अनुसार इससे वास्तविक कॉलर की पहचान और लोकेशन छिपाने में मदद मिल सकती है और इसका इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जा सकता है।
एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि आरोपी पहले भी इसी प्रकार के अपराध में शामिल रह चुका है। पुलिस के अनुसार वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में उसके खिलाफ इसी प्रकृति की कार्रवाई हुई थी और उसे गिरफ्तार किया गया था। अब उसके पुराने मामलों और वर्तमान नेटवर्क के बीच संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है।



एसटीएफ के लिए अब बरामद 114 सिम कार्ड जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि ये सिम किन-किन स्थानों और व्यक्तियों के नाम पर जारी हुए, आरोपी तक कैसे पहुंचे और इनके जरिए किन नंबरों पर कॉल की गईं। सिम से संबंधित कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल डेटा को भी खंगाला जा रहा है।
अजय सिंह ने बताया कि जांच के दौरान सामने आ रही महत्वपूर्ण सूचनाओं को अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ साझा किया जा रहा है। बांग्लादेश कनेक्शन, उपकरणों की सप्लाई, सिम उपलब्ध कराने वालों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए तकनीकी एवं साइबर फोरेंसिक जांच की जा रही है।
एसटीएफ ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ाया है। अधिकारियों का कहना है कि 114 सिम कार्ड के इस्तेमाल से जुड़े संभावित साइबर फ्रॉड की पहचान के साथ यह भी पता लगाया जाएगा कि इस नेटवर्क के पीछे और कितने लोग सक्रिय थे। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और उसके विदेशी कनेक्शन की वास्तविक व्यापकता स्पष्ट हो सकेगी।

