मेहुल साह के समर्थन में एकजुट हुई कांग्रेस, स्वराज आश्रम में हुई बैठक

मेहुल साह के समर्थन में एकजुट हुई कांग्रेस, स्वराज आश्रम में हुई बैठक

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

एमबीपीजी कॉलेज में 29 सितंबर को होने वाले छात्रसंघ चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के मेहुल साह, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अधिकृत प्रत्याशी धीरज बिष्ट और एबीवीपी से अलग होकर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे आर्यन बेलवाल मैदान में हैं। तीन प्रमुख दावेदारों के सामने आने के बाद अध्यक्ष पद का मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।

इसी चुनावी माहौल के बीच मंगलवार को हल्द्वानी स्थित स्वराज आश्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। बैठक में एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मेहुल साह के समर्थन को लेकर चर्चा की गई और पार्टी नेताओं ने एकजुट होकर उनके चुनाव प्रचार में सहयोग करने का निर्णय लिया।

बैठक में मौजूद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव में संगठन से जुड़े सभी कार्यकर्ता आपसी मतभेदों को किनारे रखकर एनएसयूआई प्रत्याशी के पक्ष में काम करेंगे। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से कॉलेज के छात्र-छात्राओं के बीच जाकर संगठन और प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन जुटाने का आह्वान किया।

हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने भी बैठक में एनएसयूआई प्रत्याशी मेहुल साह के समर्थन की बात कही। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और एनएसयूआई से जुड़े कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव में काम करेंगे। उन्होंने मेहुल की जीत को लेकर भी विश्वास जताया, हालांकि अंतिम फैसला 29 सितंबर को छात्र मतदाता करेंगे।

एमबीपीजी कॉलेज में एनएसयूआई लंबे समय से अध्यक्ष पद पर वापसी की कोशिश कर रही है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार संगठन ने आखिरी बार 2014-15 में देवेंद्र नेगी के माध्यम से अध्यक्ष पद जीता था। इस बार एनएसयूआई ने मेहुल साह को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया है।

वहीं एबीवीपी ने धीरज बिष्ट को अध्यक्ष पद का अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। प्रत्याशी चयन के बाद संगठन में असंतोष भी सामने आया और टिकट की दौड़ में शामिल रहे पूर्व कॉलेज इकाई अध्यक्ष आर्यन बेलवाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। इसके बाद एबीवीपी से जुड़े कुछ पदाधिकारियों ने भी नाराजगी जताई थी।

आर्यन बेलवाल के निर्दलीय मैदान में आने से एमबीपीजी कॉलेज का छात्रसंघ चुनाव और दिलचस्प हो गया है। तीनों प्रत्याशी छात्र-छात्राओं से संपर्क कर समर्थन जुटाने में लगे हैं। कॉलेज परिसर और सोशल मीडिया पर भी चुनाव प्रचार तेज हो चुका है।

कांग्रेस की बैठक को एनएसयूआई के चुनाव अभियान को संगठित करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं से छात्रसंघ चुनाव को लेकर समन्वय बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से प्रचार करने को कहा। विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि सभी कार्यकर्ता मिलकर एनएसयूआई प्रत्याशी के समर्थन में काम करेंगे।

एमबीपीजी कॉलेज में 29 सितंबर को मतदान होना है और उसी दिन छात्र मतदाताओं का फैसला सामने आएगा। फिलहाल अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई, एबीवीपी और निर्दलीय प्रत्याशी अपने-अपने स्तर पर समर्थन जुटाने में लगे हैं, जबकि स्वराज आश्रम की बैठक के बाद कांग्रेस ने मेहुल साह के पक्ष में अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का संदेश दिया है।