लक्ष्मेश्वर के रिहायशी इलाके में शावकों संग दिखी मादा तेंदुआ

लक्ष्मेश्वर के रिहायशी इलाके में शावकों संग दिखी मादा तेंदुआ

स्थान : अल्मोड़ा
ब्यूरो रिपोर्ट

नगर के लक्ष्मेश्वर स्थित शिव मंदिर के समीप रिहायशी क्षेत्र में मादा तेंदुए की धमक से लोगों में दहशत का माहौल है। बीती देर रात करीब 12 बजे एक मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ आबादी वाले क्षेत्र में घूमता दिखाई दिया।

बताया जा रहा है कि बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश नेगी के आवास के आसपास तेंदुआ और उसके दो शावक काफी देर तक चहलकदमी करते देखे गए। आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ शिकार की तलाश में आबादी की ओर आया था।

रिहायशी बस्ती के बेहद करीब मादा तेंदुए और शावकों की मौजूदगी से क्षेत्रवासियों में भय बढ़ गया है। स्थानीय लोग विशेष रूप से रात के समय घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं।

लोगों का कहना है कि तेंदुए की मौजूदगी बच्चों, बुजुर्गों और सुबह-शाम पैदल आवाजाही करने वाले लोगों के लिए खतरा बन सकती है। इसके चलते क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रभागीय वनाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि वन विभाग की टीम को प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर तेंदुए की गतिविधियों की निगरानी करनी चाहिए।

क्षेत्रवासियों ने जनसुरक्षा को देखते हुए इलाके में तत्काल पिंजरा लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि तेंदुआ लगातार आबादी में आता रहा तो किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहेगी।

स्थानीय लोगों ने वन विभाग से प्रभावित इलाके में रात्रि गश्त और कॉम्बिंग अभियान शुरू करने की भी मांग की है। लोगों का कहना है कि वनकर्मियों की नियमित मौजूदगी से तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

इसके साथ ही क्षेत्रवासियों ने मादा तेंदुए और उसके शावकों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर आबादी से दूर वन क्षेत्र में छोड़े जाने की मांग की है। उन्होंने वन्यजीव और स्थानीय लोगों दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करने की अपील की।

वन विभाग को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है। अब स्थानीय लोगों की नजर विभाग की कार्रवाई पर है और वे जल्द से जल्द सुरक्षात्मक कदम उठाए जाने की उम्मीद कर रहे हैं।