विकासनगर में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर

विकासनगर में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर

स्थान : विकासनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

मुख्यमंत्री पोर्टल पर मिली शिकायत के बाद विकासनगर में राष्ट्रीय राजमार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगरपालिका और पुलिस की संयुक्त टीम ने हाईवे किनारे बने अवैध निर्माणों को हटाया।

कार्रवाई के दौरान जेसीबी की मदद से लंबे समय से सड़क किनारे बनी दुकानों, शेडों और अन्य अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त किया गया। टीम ने मौके से कुछ सामान भी जब्त किया और दोबारा अतिक्रमण न करने की चेतावनी दी।

अधिकारियों का कहना है कि हाईवे किनारे हुए अवैध कब्जों के कारण यातायात व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही थी। सड़क संकरी होने और फुटपाथ घिरने से जाम की स्थिति बन रही थी, वहीं दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा था।

प्रशासन के अनुसार सीएम पोर्टल पर इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद चिन्हित स्थानों पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया।

हालांकि कार्रवाई को लेकर स्थानीय व्यापारियों में नाराजगी भी देखने को मिली। व्यापारियों का आरोप है कि दो दिन पहले उन्हें केवल फुटपाथ खाली करने के संबंध में नोटिस दिया गया था, लेकिन अब व्यापक स्तर पर निशानदेही कर छोटे कारोबारियों को परेशान किया जा रहा है।

स्थानीय व्यापारी अंकित सोनकर समेत अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई एक समान तरीके से नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि मुख्य बाजार को छोड़कर बाहरी क्षेत्रों में ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ज्यादा की जा रही है, जिससे भेदभाव की आशंका पैदा हो रही है।

प्रदर्शनकारियों ने यह आरोप भी लगाया कि कार्रवाई के दौरान सड़क किनारे लगे कुछ फलदार पेड़ों को भी काटा जा रहा है। व्यापारियों ने मांग की कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पारदर्शी और समान रूप से पूरे क्षेत्र में की जाए।

वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के सहायक अभियंता सुशील भट्ट ने कहा कि अभियान का उद्देश्य हाईवे को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना है। उन्होंने साफ किया कि सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक आवागमन में बाधा बनने वाले कब्जों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि हटाए गए स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उधर व्यापारियों की नाराजगी और भेदभाव के आरोपों के बीच विकासनगर में चल रही यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।