जमानत मिलने के चार दिन बाद भी उर्मिला सनावर की रिहाई अटकी, जेल में गुजारनी पड़ी एक और रात

जमानत मिलने के चार दिन बाद भी उर्मिला सनावर की रिहाई अटकी, जेल में गुजारनी पड़ी एक और रात

स्थान :- हरिद्वार
रिपोर्टर :- धर्मराज

अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी मामले को लेकर चर्चाओं में आईं उर्मिला सनावर की जेल से रिहाई का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को अदालत से जमानत मिलने के बावजूद गुरुवार तक वह जेल से बाहर नहीं आ सकीं। जमानत मिलने के चार दिन बाद भी रिहाई की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से उन्हें एक और रात जेल में बितानी पड़ी। हालांकि अब शुक्रवार सुबह उनकी रिहाई होने की संभावना जताई जा रही है।

उर्मिला सनावर की रिहाई को लेकर गुरुवार को दिनभर प्रक्रिया चलती रही। इस दौरान उनकी जमानत के लिए दो जमानतदार भी पेश किए गए। जमानतदारों से संबंधित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी किए जाने के बावजूद निर्धारित समय पर रिहाई नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि रिहाई परवाना जेल प्रशासन तक देरी से पहुंचने के कारण उनकी रिहाई एक बार फिर टल गई।

उर्मिला सनावर की अधिवक्ता प्रीति चौहान ने बताया कि गुरुवार को दोनों जमानतदारों की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। इसके बाद रिहाई से संबंधित दस्तावेज जेल प्रशासन तक पहुंचाए जाने थे, लेकिन रिहाई परवाना देरी से पहुंचने के कारण उनकी मुवक्किल को जेल से बाहर नहीं लाया जा सका। अधिवक्ता के मुताबिक अब शुक्रवार सुबह रिहाई की उम्मीद है।

गौरतलब है कि उर्मिला सनावर अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी मामले को लेकर सुर्खियों में आई थीं। इस मामले को लेकर प्रदेश में पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं जारी हैं। ऐसे में उर्मिला सनावर की जमानत और जेल से रिहाई का मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

सोमवार को जमानत मिलने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होते ही उर्मिला सनावर को जेल से रिहा कर दिया जाएगा। हालांकि जमानत आदेश के बाद जमानतदारों की प्रक्रिया और रिहाई परवाना जेल तक पहुंचने में समय लगने के कारण उनकी रिहाई में देरी हुई। गुरुवार को भी रिहाई की उम्मीद पूरी नहीं हो सकी।

कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत से जमानत मिलने के बाद संबंधित जमानतदारों का सत्यापन और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं। इसके बाद अदालत की ओर से जारी रिहाई आदेश जेल प्रशासन तक पहुंचने पर नियमानुसार बंदी को रिहा किया जाता है। उर्मिला सनावर के मामले में गुरुवार को रिहाई परवाना देर से पहुंचने को रिहाई नहीं हो पाने की वजह बताया गया है।

अधिवक्ता प्रीति चौहान के अनुसार जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब रिहाई की औपचारिक कार्रवाई शेष है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शुक्रवार सुबह उर्मिला सनावर जेल से बाहर आ सकेंगी। हालांकि अंतिम रिहाई जेल प्रशासन की ओर से आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद ही संभव होगी।

इस मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उर्मिला सनावर को रंगदारी के आरोप से जुड़े मामले के अलावा अश्लील वीडियो प्रसारित करने के पुराने मामले में भी जमानत मिल चुकी है। हालांकि देहरादून में दर्ज एक अन्य मुकदमे में न्यायालय की ओर से तलबी मंजूर होने के कारण हरिद्वार जेल से बाहर आने के बाद भी उनकी कानूनी मुश्किलें जारी रह सकती हैं।

फिलहाल शुक्रवार, 6 नवंबर को उर्मिला सनावर की रिहाई की संभावना जताई गई है, लेकिन उनकी वास्तविक रिहाई की पुष्टि अभी नहीं हुई है। देहरादून से जुड़े मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के कारण उनकी पूर्ण रिहाई प्रभावित हो सकती है। ऐसे में जमानत मिलने के बावजूद उर्मिला सनावर के जेल से बाहर आने को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है।