

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना


उत्तराखंड में कांग्रेस के ‘भूमि बचाओ, धामी हटाओ’ अभियान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट से सांसद अजय भट्ट ने हल्द्वानी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने शासनकाल में हुए भूमि आवंटन के मामलों से जनता का ध्यान हटाने के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके पास मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ भ्रष्टाचार के कोई प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए।


सांसद अजय भट्ट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में धरना प्रदर्शन कर सरकारी जमीनों के आवंटन को लेकर सवाल उठा रही है, लेकिन उसे पहले अपने शासनकाल में लिए गए फैसलों का भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय सरकारी जमीनों को बेहद कम दरों पर लीज पर दिया गया था। अब वही कांग्रेस दूसरों पर आरोप लगाकर अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास कर रही है।




प्रेस वार्ता के दौरान सांसद ने दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल में लगभग 30 हेक्टेयर भूमि महज 500 रुपये प्रति माह की दर से 30 वर्षों के लिए एक ही व्यक्ति को लीज पर दे दी गई थी। उन्होंने इस भूमि आवंटन पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि इतनी बड़ी भूमि इतने कम किराए पर किस आधार पर आवंटित की गई थी।



अजय भट्ट ने शिक्षा से जुड़ी भूमि के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में शिक्षा के उद्देश्य से लगभग 80 एकड़ भूमि के आवंटन का मामला भी सामने आया था। उन्होंने सवाल उठाया कि इस भूमि का वास्तविक उपयोग किस प्रकार हुआ और जिस उद्देश्य के लिए जमीन दी गई थी, उसकी वर्तमान स्थिति क्या है। सांसद ने कहा कि कांग्रेस को इन सवालों का जवाब भी जनता के सामने रखना चाहिए।


सांसद अजय भट्ट ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनके अपने शासनकाल के फैसलों पर सवाल उठ रहे हैं, वे दूसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल धरना प्रदर्शन करने और राजनीतिक बयानबाजी से किसी आरोप को सही साबित नहीं किया जा सकता। यदि कांग्रेस के पास किसी प्रकार की अनियमितता के प्रमाण हैं तो उन्हें तथ्यों और दस्तावेजों के साथ सामने आना चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को लेकर भी सवाल उठाए। अजय भट्ट ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि मुख्यमंत्री धामी ने किस मामले में और किस प्रकार भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस के पास कोई ठोस साक्ष्य है तो उसे मीडिया और जनता के सामने प्रस्तुत करना चाहिए। महज आरोप लगाने से किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।



वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने चार नवंबर से प्रदेशव्यापी ‘भूमि बचाओ, धामी हटाओ’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत कांग्रेस नेताओं ने सरकारी जमीनों और संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपे जाने का आरोप लगाते हुए विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भूमि आवंटन की प्रक्रियाओं और शर्तों को सार्वजनिक करने की मांग उठाई है।


अजय भट्ट ने कहा कि राजनीतिक दलों को जनता के सामने आरोप लगाने से पहले अपने दावों की सत्यता साबित करनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अपने पुराने फैसलों पर उठ रहे सवालों का जवाब देने के बजाय वर्तमान सरकार को घेरने में लगी हुई है। सांसद ने कहा कि भूमि आवंटन जैसे महत्वपूर्ण मामलों में तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए, ताकि जनता के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

कुल मिलाकर उत्तराखंड में सरकारी भूमि के आवंटन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस जहां धामी सरकार पर सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगा रही है, वहीं सांसद अजय भट्ट ने कांग्रेस शासनकाल के भूमि आवंटन के मामलों को उठाकर पलटवार किया है। हालांकि सांसद द्वारा बताए गए 30 हेक्टेयर और 80 एकड़ भूमि आवंटन के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में दोनों दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बीच संबंधित भूमि आवंटन के आधिकारिक दस्तावेज और प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण हैं।

