नैनीताल पुलिस ने ढूंढ निकाले 55 लाख के 250 गुमशुदा मोबाइल, असली मालिकों को सौंपकर लौटाई चेहरों पर मुस्कान

नैनीताल पुलिस ने ढूंढ निकाले 55 लाख के 250 गुमशुदा मोबाइल, असली मालिकों को सौंपकर लौटाई चेहरों पर मुस्कान

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

नैनीताल पुलिस को गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस की मोबाइल ऐप सेल और साइबर सेल की टीम ने जुलाई से 4 नवंबर 2026 तक विभिन्न कंपनियों के 250 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए। बरामद मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत 55 लाख 25 हजार रुपये बताई गई है। लंबे समय से अपने खोए हुए मोबाइल फोन की तलाश कर रहे लोगों के चेहरे फोन वापस मिलने पर खुशी से खिल उठे। मोबाइल स्वामियों ने नैनीताल पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने जिले में लगातार मिल रही मोबाइल फोन गुमशुदगी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मोबाइल ऐप सेल को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। एसएसपी ने पुलिस टीम को गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने और शिकायतकर्ताओं को उनके मोबाइल वापस दिलाने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने मोबाइल फोन की तलाश के लिए कार्रवाई तेज कर दी।

एसपी हल्द्वानी हरबंस सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन एवं हल्द्वानी रविकांत सेमवाल के पर्यवेक्षण में प्रभारी मोबाइल ऐप सेल एवं साइबर सेल उपनिरीक्षक मीनू गौतम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अभियान चलाया। टीम ने गुमशुदा मोबाइल फोन के संबंध में प्राप्त शिकायतों का अध्ययन किया और तकनीकी जांच के माध्यम से मोबाइल फोन की लोकेशन का पता लगाने के प्रयास शुरू किए।

पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ताओं द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्रों के आधार पर गुम हुए मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबरों को केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर यानी सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से ट्रैक किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने लगातार तकनीकी निगरानी और अन्य राज्यों की संबंधित इकाइयों के सहयोग से मोबाइल फोन की बरामदगी सुनिश्चित की। इस अभियान में पुलिस ने विभिन्न स्थानों से गुम हुए मोबाइल फोन का पता लगाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए।

मोबाइल रिकवरी अभियान के दौरान पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर सहित कई जिलों से मोबाइल फोन बरामद किए। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों से भी गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए गए। अलग-अलग राज्यों में पहुंचे मोबाइल फोन का पता लगाकर उन्हें वापस लाना पुलिस टीम के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य रहा, लेकिन लगातार प्रयासों से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता मिली।

बरामद किए गए 250 मोबाइल फोन में विभिन्न प्रमुख कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन भी शामिल हैं। इनमें ओप्पो के 58, वीवो के 45, सैमसंग के 40, रेडमी के 23, रियलमी के 19, पोको के 17, वनप्लस के 13, आईक्यू के 8, आईफोन के 7, इनफिनिक्स के 7, मोटोरोला के 7, आईटेल के 3, टेक्नो के 2 और नोकिया का एक मोबाइल फोन शामिल है। पुलिस ने सभी मोबाइल फोन का सत्यापन करने के बाद उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिया।

अपने खोए हुए मोबाइल फोन वापस पाकर लोगों ने नैनीताल पुलिस के प्रति आभार जताया। कई लोगों के लिए मोबाइल फोन केवल संपर्क का साधन नहीं, बल्कि व्यक्तिगत दस्तावेजों, जरूरी जानकारियों और दैनिक कार्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण उपकरण होता है। ऐसे में लंबे समय बाद फोन वापस मिलने से लोगों को बड़ी राहत मिली। मोबाइल स्वामियों ने पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच के माध्यम से की गई बरामदगी की सराहना की।

इस सराहनीय कार्य पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने मोबाइल रिकवरी टीम की प्रशंसा की। उन्होंने अभियान में शामिल पुलिसकर्मियों की मेहनत और तकनीकी दक्षता को देखते हुए टीम को 2500 रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। एसएसपी ने कहा कि गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और नागरिकों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जा रहा है।

मोबाइल फोन बरामदगी अभियान में प्रभारी मोबाइल ऐप सेल उपनिरीक्षक मीनू गौतम, कांस्टेबल किशन सिंह कुंवर और कांस्टेबल रामचंद्र प्रजापति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नैनीताल पुलिस की इस कार्रवाई से 250 लोगों को उनके गुमशुदा मोबाइल फोन वापस मिल सके। पुलिस की इस उपलब्धि से जहां आमजन को राहत मिली है, वहीं तकनीकी संसाधनों के माध्यम से गुमशुदा मोबाइल फोन तलाशने में पुलिस की सक्रियता भी सामने आई है।