सिमली में बेस अस्पताल की मांग को लेकर फूटा जनाक्रोश, ‘बेस नहीं तो वोट नहीं’ के नारों से गूंजा क्षेत्र

सिमली में बेस अस्पताल की मांग को लेकर फूटा जनाक्रोश, ‘बेस नहीं तो वोट नहीं’ के नारों से गूंजा क्षेत्र

स्थान : चमोली
ब्यूरो रिपोर्ट

चमोली जिले के सिमली में बेस अस्पताल की स्थापना के लिए शासनादेश जारी करने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश सामने आया। लंबे समय से बेस अस्पताल की मांग कर रहे लोगों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘बेस नहीं तो वोट नहीं’ लिखी तख्तियां लेकर विरोध जताया और स्थानीय विधायक के खिलाफ नारेबाजी की।

सिमली क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर स्थानीय लोग लंबे समय से आंदोलनरत हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र में बेस अस्पताल की स्थापना की मांग लगातार उठाई जा रही है, लेकिन अब तक इस संबंध में शासनादेश जारी नहीं किया गया है। इससे स्थानीय जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद सिमली से गुजर रहे विधायकों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भी स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतरकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार से बेस अस्पताल के संबंध में जल्द शासनादेश जारी करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लंबे समय से मांग उठाई जा रही है, लेकिन जनप्रतिनिधियों और सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने स्थानीय विधायक पर क्षेत्र की समस्याओं की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र की जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

प्रदर्शन के दौरान ‘बेस नहीं तो वोट नहीं’ के नारे प्रमुखता से लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि बेस अस्पताल की मांग पूरी होने तक उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो गांवों में पहुंचने वाले जनप्रतिनिधियों का भी विरोध किया जाएगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बेहद जरूरी है। क्षेत्र में बेस अस्पताल की स्थापना होने से आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त करने में सहूलियत होगी। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए मांग पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।

इसी दौरान कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने आंदोलन कर रहे लोगों से बातचीत करते हुए बेस अस्पताल की मांग को गंभीरता से उठाने का आश्वासन दिया। विधायक ने कहा कि इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा, ताकि क्षेत्र की जनता की मांग पर आवश्यक कार्रवाई हो सके।

कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि बेस अस्पताल के मुद्दे को अगली सुबह मुख्यमंत्री के सामने उठाया जाएगा। उन्होंने लोगों की मांग को शासन स्तर तक पहुंचाने की बात कही। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और उन्हें बेस अस्पताल के लिए शासनादेश जारी होने का इंतजार है।

फिलहाल सिमली में बेस अस्पताल की मांग को लेकर स्थानीय लोगों की नाराजगी बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द शासनादेश जारी करने की मांग दोहराई है। वहीं, विधायक की ओर से मुख्यमंत्री के समक्ष मामला उठाने के आश्वासन के बाद अब क्षेत्रीय जनता की निगाहें शासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।