खटीमा की मासूम वैष्णवी की मदद को आगे आए मुख्यमंत्री धामी, इलाज की जगी उम्मीद

खटीमा की मासूम वैष्णवी की मदद को आगे आए मुख्यमंत्री धामी, इलाज की जगी उम्मीद

स्थान : खटीमा /ऊधम सिंह नगर
रिपोर्टर : अशोक सरकार

जनपद ऊधम सिंह नगर के खटीमा में आंखों की रोशनी खो चुकी मासूम बिटिया वैष्णवी के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला आने के बाद पीड़ित परिवार को अब बेटी के इलाज और उसके भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है।

नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने आज वैष्णवी के परिवार से मुलाकात कर उनकी पीड़ा जानी। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और पीड़ित परिवार को राहत दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

नगर पालिका अध्यक्ष जोशी ने बताया कि जैसे ही मीडिया के माध्यम से उन्हें वैष्णवी की स्थिति की जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल मुख्यमंत्री को पूरे मामले से अवगत कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने परिवार की परेशानी और मासूम बच्ची के इलाज की आवश्यकता को प्रमुखता से रखा।

जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के लोगों के प्रति विशेष संवेदनशीलता रखते हैं। खटीमा मुख्यमंत्री की कर्मभूमि और उनका अपना क्षेत्र है। यहां के लोगों की समस्याओं और परेशानियों को लेकर मुख्यमंत्री हमेशा गंभीर रहते हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक जरूरतमंद और पीड़ित परिवार तक सहायता पहुंचे। हर व्यक्ति को बेहतर चिकित्सा सुविधा और अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए। वैष्णवी जैसी मासूम बच्ची का भविष्य सुरक्षित करना भी इसी जिम्मेदारी का हिस्सा है।

नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि आंखों की रोशनी चले जाने के कारण वैष्णवी को अपनी पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी है। जिस उम्र में बच्चों को स्कूल जाकर पढ़ना-लिखना और अपने सपनों को साकार करना चाहिए, उस उम्र में दृष्टिहीनता के कारण उसकी शिक्षा प्रभावित होना बेहद दुखद है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और संबंधित स्तर पर कार्रवाई आगे बढ़ रही है। उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि इस कठिन परिस्थिति में वे अकेले नहीं हैं और मुख्यमंत्री की ओर से हरसंभव सहायता के प्रयास किए जा रहे हैं।

नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस मामले में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। वैष्णवी को उचित उपचार मिल सकेगा और उसकी आंखों की रोशनी वापस आने की संभावना के साथ वह दोबारा पढ़ाई शुरू कर अपने भविष्य को संवार सकेगी। फिलहाल, परिवार को इलाज और सहायता से जुड़ी आगे की कार्रवाई का इंतजार है।