
स्थान : भगवानपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड आईकॉन-2026 के तहत मसूरी में देश-विदेश के करीब 550 नेत्र विशेषज्ञ जुटे हैं। शुक्रवार को पिक्चर पैलेस स्थित होटल रामाडा में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने तीन दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। उत्तराखंड ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसायटी की वार्षिक बैठक के अंतर्गत 23 से 25 अक्टूबर तक आयोजित इस सम्मेलन में नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास, आधुनिक सर्जरी और उपचार की उन्नत तकनीकों पर चर्चा की जा रही है।

आंखों की देखभाल बेहद जरूरी: गणेश जोशी



सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आंखें मानव शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं और इनकी उचित देखभाल बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली और विभिन्न बीमारियों के कारण आंखों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे में नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का विकास और विशेषज्ञ चिकित्सकों के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण है।

देहरादून में भी उपलब्ध हो रही आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं



गणेश जोशी ने कहा कि पहले गंभीर नेत्र रोगों के उपचार के लिए मरीजों को दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। हालांकि, अब देहरादून में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलने लगा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन उत्तराखंड में चिकित्सा सेवाओं को और बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
मोतियाबिंद से लेकर लेजर सर्जरी तक पर होगा मंथन




23 से 25 अक्टूबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में नेत्र चिकित्सा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। इनमें मोतियाबिंद का उपचार, लेसिक एवं लेजर सर्जरी, डायबिटिक रेटिनोपैथी और ऑकुलोप्लास्टी सहित आंखों की विभिन्न बीमारियों के निदान एवं उपचार की आधुनिक पद्धतियां शामिल हैं। इन विषयों पर चर्चा के माध्यम से चिकित्सकों को नवीनतम तकनीकों और उपचार संबंधी प्रगति की जानकारी मिलेगी।
125 विशेषज्ञ देंगे वैज्ञानिक प्रस्तुतियां

आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में करीब 125 विशेषज्ञ वैज्ञानिक प्रस्तुतियां देंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे शोध, नई उपचार विधियों और आधुनिक सर्जिकल तकनीकों की जानकारी साझा की जाएगी। इसके साथ ही आधुनिक सर्जरी से संबंधित वीडियो और लाइव सर्जरी के प्रदर्शन की भी योजना बनाई गई है, जिससे चिकित्सकों को व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
नेत्र चिकित्सकों को मिलेगा अनुभव साझा करने का अवसर

सम्मेलन में देश-विदेश से आए करीब 550 नेत्र विशेषज्ञों की भागीदारी से चिकित्सकों को एक-दूसरे के अनुभवों और चिकित्सा संबंधी नई जानकारियों से सीखने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से उत्तराखंड के नेत्र चिकित्सकों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत सर्जिकल प्रक्रियाओं और बेहतर उपचार पद्धतियों से परिचित होने का लाभ मिलेगा।
मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में मिलेगी मदद

उत्तराखंड आईकॉन-2026 जैसे आयोजनों से नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में ज्ञान और तकनीक के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के बीच चर्चा और वैज्ञानिक प्रस्तुतियों से उपचार की नई संभावनाओं को समझने में मदद मिलेगी। इसका लाभ भविष्य में मरीजों को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और आधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मिल सकता है।

