हरीश रावत के ‘टुटकेबाज’ बयान पर भाजपा का पलटवार, कमलेश रमन बोले—अपनी कमजोरियां छिपा रही कांग्रेस

हरीश रावत के ‘टुटकेबाज’ बयान पर भाजपा का पलटवार, कमलेश रमन बोले—अपनी कमजोरियां छिपा रही कांग्रेस

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा भाजपा प्रवक्ताओं को ‘टुटकेबाज’ बताते हुए कांग्रेस के खिलाफ झूठ बोलने का आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन ने हरीश रावत पर निशाना साधते हुए उनके राजनीतिक अतीत और कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।

हरीश रावत ने भाजपा पर लगाए थे आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर भाजपा पर चुनावों में झूठे नैरेटिव का सहारा लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा ने वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में झूठे नैरेटिव के जरिए जीत हासिल की और अब वर्ष 2027 के चुनावों को लेकर भी इसी रणनीति पर काम किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए उत्तराखंड में 10 साल कांग्रेस और 17 साल भाजपा के शासनकाल पर सार्वजनिक बहस करने की बात कही थी।

कमलेश रमन बोले—अपने नेताओं के पदचिह्नों पर चल रहे हरीश रावत

हरीश रावत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन ने कहा कि हरीश रावत अब अपने नेताओं के पदचिह्नों पर चल रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदल रहा है। कमलेश रमन ने हरीश रावत के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा प्रवक्ता तथ्यों के आधार पर अपनी बात रख रहे हैं।

2002 और 2012 की राजनीति का किया जिक्र

कमलेश रमन ने हरीश रावत पर निशाना साधते हुए कहा कि उनसे बड़ा ‘टुटकेबाज’ कौन होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि हरीश रावत ने वर्ष 2002 और 2012 में अपनी ही सरकार को तोड़ने का काम किया। भाजपा प्रवक्ता ने उनके राजनीतिक व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को पहले अपने राजनीतिक इतिहास पर विचार करना चाहिए।

जुम्मे की नमाज की छुट्टी और मुस्लिम यूनिवर्सिटी का मुद्दा उठाया

भाजपा प्रवक्ता ने अपने पलटवार में जुम्मे की नमाज के लिए छुट्टी, मुस्लिम यूनिवर्सिटी की चर्चा और विधायकों को खरीदने से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस और हरीश रावत की भूमिका पर सवाल क्यों नहीं किए जाने चाहिए। कमलेश रमन ने कहा कि भाजपा प्रवक्ता जो बोल रहे हैं, वह सच है और कांग्रेस इन सवालों से बचने के लिए भाजपा प्रवक्ताओं को निशाना बना रही है।

2027 के चुनाव से पहले तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी

कमलेश रमन ने आरोप लगाया कि अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए कांग्रेस भाजपा प्रवक्ताओं पर निशाना साध रही है और यह उसकी हताशा को दर्शाता है। वहीं, हरीश रावत ने भाजपा के शासनकाल और कांग्रेस के कार्यकाल की तुलना करते हुए सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है। दोनों दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप से प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है।

फिलहाल, यह बयानबाजी उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच बढ़ती सियासी खींचतान को दर्शाती है। जहां कांग्रेस भाजपा के चुनावी नैरेटिव पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा उसके आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस के राजनीतिक अतीत और उसके नेताओं के बयानों को मुद्दा बना रही है।