
स्थान : चमोली
रिपोर्टर : विनोद पांडे

उत्तराखंड पुलिस के जवानों ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सड़क हादसे में घायल बाइक सवार की मदद की। कर्णप्रयाग–गौचर मार्ग पर बाइक अनियंत्रित होकर फिसलने से एक व्यक्ति घायल हो गया। इसी दौरान ड्यूटी से लौट रहे पुलिस जवानों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने तत्काल सहायता करते हुए उसे अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 को राजकुमार दास निवासी हनुमानपुरी, अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश), कर्णप्रयाग–गौचर के बीच बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर फिसल गई। हादसे में उनके दाहिने पैर में चोट लग गई और खून बहने लगा। दुर्घटना के बाद उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार की आवश्यकता थी।



इसी बीच कर्णप्रयाग से गौचर की ओर ड्यूटी पूरी कर लौट रहे हेड कांस्टेबल हरेन्द्र और होमगार्ड चन्द्रमोहन मौके पर पहुंचे। सड़क पर घायल व्यक्ति को देखकर दोनों जवानों ने बिना देर किए उसकी मदद शुरू कर दी। उन्होंने सबसे पहले घायल को सुरक्षित सड़क किनारे किया, ताकि उसे आगे किसी तरह का खतरा न हो।


घायल की स्थिति को देखते हुए दोनों जवानों ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया। उन्होंने राजकुमार दास के दाहिने पैर में लगी चोट पर मरहम-पट्टी की और खून बहने से रोकने का प्रयास किया। पुलिस जवानों की तत्परता से घायल को तत्काल सहायता मिल सकी।


प्राथमिक उपचार देने के बाद हेड कांस्टेबल हरेन्द्र और होमगार्ड चन्द्रमोहन ने 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से घायल को कर्णप्रयाग अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था की, ताकि उसे आगे का उपचार मिल सके। समय रहते मिली मदद से घायल को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया आसान हुई।
हादसे के बाद मदद मिलने पर राजकुमार दास भावुक हो गए। उन्होंने पुलिस जवानों के इस मानवीय प्रयास के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के समय तत्काल सहायता मिलना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा।



पुलिस जवानों की इस पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि ड्यूटी के साथ-साथ जरूरतमंदों की मदद करना भी मानवीय जिम्मेदारी है। सड़क हादसों के दौरान समय पर सहायता और प्राथमिक उपचार घायल व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
कर्णप्रयाग–गौचर मार्ग पर हुई इस घटना में हेड कांस्टेबल हरेन्द्र और होमगार्ड चन्द्रमोहन की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की जा रही है। दोनों जवानों ने ड्यूटी से लौटते समय घायल व्यक्ति की मदद कर पुलिस की मानवीय भूमिका को सामने रखा।

