धामी सरकार का अग्निवीरों को बड़ा तोहफा, वर्दीधारी सेवाओं में मिलेगी प्राथमिकता

धामी सरकार का अग्निवीरों को बड़ा तोहफा, वर्दीधारी सेवाओं में मिलेगी प्राथमिकता

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड की धामी सरकार ने अग्निवीरों के भविष्य और रोजगार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। हाल ही में हरिद्वार में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य की वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को अवसर देने से जुड़ा फैसला लिया गया। सरकार के इस निर्णय को सेना में सेवा पूरी कर लौटने वाले उत्तराखंड के युवाओं के भविष्य की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

कैबिनेट के फैसले के तहत सेना में अग्निवीर के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करने वाले उत्तराखंड के युवाओं को प्रदेश की पुलिस समेत विभिन्न वर्दीधारी सेवाओं में नियुक्ति का अवसर दिया जाएगा। निर्णय के अनुसार, पात्र अग्निवीरों को निर्धारित प्रावधानों के तहत लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट देकर सेवाओं में समायोजित करने की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, इसका क्रियान्वयन संबंधित सेवा नियमों और सरकार की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगा।

धामी कैबिनेट के इस फैसले पर राज्य मंत्री एवं पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष सेवानिवृत्त कर्नल अजय कोठियाल ने खुशी जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार का यह निर्णय अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे सेना में सेवा देने के बाद प्रदेश लौटने वाले युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।

कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि अग्निवीर योजना को लेकर लंबे समय से यह चिंता व्यक्त की जाती रही है कि चार वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के लिए दोबारा प्रयास करना पड़ता है। उनके अनुसार, लगभग 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सैन्य सेवा पूरी करने के बाद अन्य क्षेत्रों में रोजगार तलाशना होता है। ऐसे में उत्तराखंड सरकार का यह फैसला इन युवाओं के सामने आने वाली रोजगार संबंधी चुनौतियों को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि सेना में सेवा देने वाले युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, शारीरिक दक्षता और कठिन परिस्थितियों में काम करने का अनुभव प्राप्त होता है। ये गुण पुलिस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं के लिए भी उपयोगी हैं। ऐसे में प्रशिक्षित अग्निवीरों को राज्य की सेवाओं में अवसर मिलने से एक ओर युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था के लिए अनुभवी और अनुशासित मानव संसाधन भी उपलब्ध हो सकेगा।

कर्नल अजय कोठियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से अग्निवीर रोजगार सेल बनाए जाने की पहल को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अग्निवीरों को सैन्य सेवा के बाद रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए इस तरह की व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है। रोजगार सेल के माध्यम से युवाओं को विभिन्न सेवाओं में उपलब्ध अवसरों और संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी देने में भी मदद मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि अग्निवीरों के भविष्य को लेकर राज्य सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदम युवाओं के मनोबल को बढ़ाने वाले हैं। सेना में सेवा देने के बाद युवाओं के अनुभव और प्रशिक्षण का उपयोग प्रदेश के विकास और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में किया जा सकता है। सरकार का यह निर्णय उन परिवारों के लिए भी राहत देने वाला है, जिनके युवा देश की सेवा करने के बाद अपने गृह राज्य में रोजगार की संभावनाएं तलाशते हैं।

धामी सरकार के इस फैसले से उत्तराखंड के उन युवाओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जो अग्निवीर के रूप में देश की सेवा कर चुके हैं और अब राज्य की वर्दीधारी सेवाओं में अपना करियर बनाना चाहते हैं। हालांकि, नियुक्तियों का वास्तविक लाभ पात्रता, रिक्तियों और सरकार की ओर से जारी किए जाने वाले विस्तृत दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगा।

कर्नल अजय कोठियाल ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार की यह पहल युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करेगी और सैन्य सेवा से प्राप्त उनके अनुभव का प्रदेश हित में बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगी।