सुमित हृदयेश का बड़ा आरोप: परिवार के फोन टैपिंग और जान को खतरा होने की जताई आशंका

सुमित हृदयेश का बड़ा आरोप: परिवार के फोन टैपिंग और जान को खतरा होने की जताई आशंका

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए प्रदेश में कथित फोन टैपिंग और निगरानी का आरोप लगाया है। विधायक का दावा है कि प्रदेश में एक बड़ा गैंग नेताओं के फोन टैप कर रहा है और उनके परिवार के सदस्यों के फोन भी निशाने पर हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराने और न्याय दिलाने की मांग की है।

सुमित हृदयेश ने आशंका जताई कि उनकी बातचीत की रिकॉर्डिंग की जा रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से फर्जी कॉल रिकॉर्डिंग या वीडियो तैयार कर उन्हें वायरल किया जा सकता है। हालांकि, इन आरोपों और आशंकाओं की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना भी बाकी है।

विधायक ने भावुक होते हुए अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंकाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है और आशंका है कि उनकी गाड़ी का कभी भी एक्सीडेंट कराया जा सकता है। उन्होंने अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की।

सुमित हृदयेश ने दावा किया कि वह इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत कर चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने अप्रैल 2025 में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को लिखित शिकायत देने की बात भी कही। विधायक के अनुसार, इस कथित मामले में कुछ प्रभावशाली लोग शामिल हो सकते हैं और निजी कंपनियों के माध्यम से गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। इन दावों की पुष्टि संबंधित जांच और आधिकारिक जानकारी से ही हो सकेगी।

कांग्रेस विधायक ने कहा कि वह इस मामले में न्याय चाहते हैं और अपनी तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है।

मामले को लेकर विधायक ने एक बड़ा बयान देते हुए चेतावनी दी कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह करेंगे। उनके इस बयान ने मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताओं और आत्मदाह की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

सुमित हृदयेश ने अपने बयान में रामनगर के संजय नेगी और बाजपुर के सोनू शर्मा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि इन दोनों को कांग्रेस में शामिल करा दिया जाए तो वह अपनी विधायकी छोड़ देंगे। इस बयान के साथ उन्होंने राजनीतिक घटनाक्रम और अपने आरोपों को लेकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की।

विधायक के आरोपों के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस और संबंधित प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। फोन टैपिंग, कथित निगरानी और संभावित फर्जी डिजिटल सामग्री जैसे आरोपों की जांच तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर किया जाना आवश्यक होगा। फिलहाल, विधायक की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

कुल मिलाकर, सुमित हृदयेश ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और न्याय नहीं मिलने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। मामले में निष्पक्ष जांच, सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।